आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा का ज्ञापन, मानदेय व सुविधाओं की मांग को लेकर जताया आक्रोश

आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर अयोध्या जनपद की जिला कमेटी, ब्लॉक कमेटी तथा बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपा।

आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा का ज्ञापन, मानदेय व सुविधाओं की मांग को लेकर जताया आक्रोश
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

अयोध्या से आजम खान की रिपोर्ट —

अयोध्या/जनमत न्यूज। आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर अयोध्या जनपद की जिला कमेटी, ब्लॉक कमेटी तथा बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से आंगनबाड़ी कर्मियों ने लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा और बढ़ते कार्यभार पर गंभीर चिंता जताई।

ज्ञापन देने पहुंचीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे वर्षों से अत्यंत कम मानदेय पर कार्य कर रही हैं। कई कार्यकर्ताओं को लंबे समय से विभाग की ओर से मोबाइल फोन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। जो मोबाइल पहले दिए गए थे, वे खराब या जल चुके हैं, जबकि उनके रिचार्ज के लिए भी कोई धनराशि नहीं मिलती। इस संबंध में कई बार संघ के माध्यम से सरकार और विभाग को अवगत कराया गया, लेकिन समस्याओं का अब तक समाधान नहीं हो सका है।

आंगनबाड़ी कर्मियों ने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा लगातार अतिरिक्त कार्य सौंपे जा रहे हैं। पोषण ट्रैकर, एसआईआर जैसे कार्य जबरन कराए जा रहे हैं, जबकि नियुक्ति के समय शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल या कक्षा आठ निर्धारित थी। वर्तमान में उनसे स्नातकोत्तर स्तर तक का कार्य लिया जा रहा है। मना करने पर विभागीय कर्मचारियों द्वारा सेवा समाप्त करने या मानदेय रोकने की धमकी दी जाती है।

कार्यकर्ताओं ने बताया कि सितंबर 2025 में मुख्यमंत्री द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि तथा उच्च गुणवत्ता वाले मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे आंगनबाड़ी कर्मियों में भारी रोष व्याप्त है।

आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे लखनऊ में संयुक्त मोर्चा के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने को विवश होंगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।