कलेक्ट्रेट में चपरासी पर लगा अभद्रता करने का आरोप अधिवक्ताओं ने हटाने और कार्रवाई की उठाई मांग
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि आरोपी वादकारियों से लाइसेंस कार्य कराने के नाम पर 5,000 से 10,000 रुपये तक की अवैध वसूली करता रहा है।
रायबरेली से महाताब खान की रिपोर्ट —
रायबरेली/जनमत न्यूज। रायबरेली कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ताओं ने शस्त्र कार्यालय में तैनात चपरासी वीरेन्द्र मौर्य पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ताओं का कहना है कि आरोपी वर्ष 2017 से लगातार एक ही कार्यालय में तैनात है और लंबे समय से पद का दुरुपयोग कर रहा है।
शिकायत के अनुसार 10 दिसंबर 2025 को अधिवक्ताओं द्वारा लाइसेंस संबंधी जानकारी मांगे जाने पर चपरासी वीरेन्द्र मौर्य ने गाली-गलौज, अभद्रता और धक्का-मुक्की की। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कई बार वह इसी तरह का व्यवहार कर चुका है।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि आरोपी वादकारियों से लाइसेंस कार्य कराने के नाम पर 5,000 से 10,000 रुपये तक की अवैध वसूली करता रहा है। शिकायत करने के बाद भी वह छिपे तौर पर रुपये मांगता है। कई अधिवक्ताओं का कहना है कि वह रिश्वतखोरी का आदी बन चुका है, जिससे कार्यालय का कार्य वातावरण प्रभावित हो रहा है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि लगातार उत्पीड़न और असहयोग के कारण कलेक्ट्रेट परिसर में कार्य प्रभावित हो रहा है। इससे वादकारियों और अधिवक्ताओं दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिवक्ता संघ ने मांग की है कि चपरासी वीरेन्द्र मौर्य को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए या स्थानांतरित किया जाए, ताकि अधिवक्ता निर्बाध रूप से अपना कार्य कर सकें। शिकायत पत्र पर सभी अधिवक्ताओं के हस्ताक्षर किए गए हैं और इसे अधिकारियों को सौंपा गया है।

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