यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज का प्रदर्शन, खून से लिखी चिट्ठी भेजकर पीएम से की कानून वापसी की मांग
भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यसमिति के सदस्य पिंटू सिंह ने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम चिट्ठी लिखकर विरोध जताया। खून से लिखी गई इस चिट्ठी के माध्यम से उन्होंने यूजीसी के इस कानून को “काला कानून” करार देते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
फतेहपुर से भीम शंकर की रिपोर्ट —
फतेहपुर/जनमत न्यूज। यूजीसी के प्रस्तावित कानून के विरोध में फतेहपुर में सवर्ण समाज एकजुट होकर सड़कों पर उतर आया। सोमवार को पटेल नगर चौराहे पर बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यूजीसी का यह कानून सवर्ण समाज के बच्चों के लिए अन्यायपूर्ण है और इससे उनके अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
प्रदर्शन के दौरान भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यसमिति के सदस्य पिंटू सिंह ने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम चिट्ठी लिखकर विरोध जताया। खून से लिखी गई इस चिट्ठी के माध्यम से उन्होंने यूजीसी के इस कानून को “काला कानून” करार देते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। उनका कहना था कि इस कानून के लागू होने से सवर्ण समाज के बच्चों पर अत्याचार बढ़ेंगे और शिक्षा के क्षेत्र में असमानता और गहरी होगी।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार बिना सभी वर्गों की भावनाओं और प्रभावों को समझे ऐसे कानून ला रही है, जिससे समाज में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि यूजीसी कानून को तुरंत वापस लेकर सभी वर्गों के हित में पुनर्विचार किया जाए। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा, जिससे स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।

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