बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग से पहले ED की बड़ी कार्रवाई, 9 ठिकानों पर छापे; PDS घोटाले की जांच तेज

बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग से पहले ED की बड़ी कार्रवाई, PDS घोटाले में 9 जगह छापेमारी। जानिए पूरी खबर और अपडेट।

बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग से पहले ED की बड़ी कार्रवाई, 9 ठिकानों पर छापे; PDS घोटाले की जांच तेज
Published By- A.K. Mishra

पश्चिम बंगाल/जनमत न्यूज़:- पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को एजेंसी ने राज्य के अलग-अलग इलाकों में 9 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित Public Distribution System (PDS) scam से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की जा रही है।

कई जिलों में एक साथ छापेमारी

एजेंसी की टीमें Kolkata, Bardhaman और Habra समेत कई जगहों पर पहुंचीं। ये छापे निरंजन चंद्र साहा और उनके सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर मारे गए। ईडी ने इस मामले में पहले ही मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था और अब उसी के तहत जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

2020 की FIR से शुरू हुआ मामला

इस पूरे मामले की शुरुआत 23 अक्टूबर 2020 को हुई थी, जब बंगाल पुलिस ने बसीरहाट थाने में FIR दर्ज की थी। शिकायत कस्टम विभाग के डिप्टी कमिश्नर की ओर से की गई थी। आरोप था कि गरीबों में बांटने के लिए आए गेहूं को या तो बाजार में बेच दिया गया या फिर उसकी जमाखोरी की गई।

कारोबारियों और कंपनियों पर शिकंजा

ईडी ने इस मामले में सुशांत साहा और उनसे जुड़ी फर्मों पर भी छापेमारी की है। उनकी कंपनी “सागर इंटरप्राइजेज” जांच के दायरे में है। इसके अलावा समीर कुमार चंद्र और पार्थ साहा से जुड़ी कंपनियां—मां अन्नपूर्णा राइस कंसर्न, आदर्श इंटरनेशनल और साइनैक्स अन्नपूर्णा उद्योग—पर भी कार्रवाई हुई है। उत्तरपारा के कारोबारी दौलत राम गुप्ता के ठिकानों पर भी रेड डाली गई।

सस्ते में खरीद, महंगे में बिक्री का आरोप

जांच एजेंसी के मुताबिक, इस घोटाले में शामिल लोगों ने सप्लायरों और डिस्ट्रीब्यूटर्स से कम कीमत पर गेहूं खरीदा और फिर उसे बाजार में ऊंचे दाम पर बेच दिया। इस तरह गरीबों के लिए निर्धारित राशन से अवैध मुनाफा कमाया गया। माल को अलग-अलग जगहों पर स्टोर कर नेटवर्क के जरिए बेचा जाता था।

चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी

गौरतलब है कि 29 अप्रैल को राज्य में दूसरे चरण का मतदान होना है। इससे पहले भी ईडी ने पहले चरण से पहले कई छापेमारी की थीं। वहीं सत्ताधारी All India Trinamool Congress (TMC) इन कार्रवाइयों को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताती रही है।

फिलहाल एजेंसी की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।