मणिपुर में फिर भड़की हिंसा: उखरुल में गोलीबारी, 3 लोगों की मौत; नागा-कुकी तनाव बढ़ा

मणिपुर के उखरुल में नागा और कुकी समुदाय के बीच हिंसा, 3 लोगों की मौत। जानिए पूरी घटना, कारण और ताजा अपडेट।

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा: उखरुल में गोलीबारी, 3 लोगों की मौत; नागा-कुकी तनाव बढ़ा
Published By- A.K. Mishra

नई दिल्ली/जनमत न्यूज़:- मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़कने से हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। शुक्रवार को Ukhrul district में हुई दो अलग-अलग गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम तीन लोगों की जान चली गई। राज्य पहले से ही Meitei community और Kuki community के बीच जारी जातीय संघर्ष से जूझ रहा है, वहीं अब नागा और कुकी समुदाय के बीच टकराव की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है।

पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार तड़के उखरुल जिले के सीनाकेइथेई गांव के पास तांगखुल नागा और कुकी समुदाय से जुड़े सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी शुरू हुई। इस झड़प ने इलाके के हालात को और बिगाड़ दिया है।

सीनाकेइथेई में युवक की मौत

पहली घटना में 29 वर्षीय तांगखुल युवक होरशोकमी जमांग की मौत हो गई। वह कामजोंग जिले के चाट्रिक खुलेन गांव का रहने वाला था। गोलीबारी में तीन अन्य नागरिक घायल भी हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

नगा संगठन Tangkhul Naga Long (TNL) ने आरोप लगाया है कि ‘सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन’ (SoO) के तहत आने वाले कुकी उग्रवादियों की गतिविधियों के कारण क्षेत्र में तनाव था। संगठन का कहना है कि नगा गांव के गार्ड गश्त पर थे, तभी उन पर घात लगाकर हमला किया गया।

मुल्लम गांव में दो की मौत

पहली घटना के कुछ समय बाद पास के मुल्लम गांव में एक और गोलीबारी हुई। इस हमले में दो कुकी युवकों—लेतलाल सितल्हो (जेम्स कुकी) और पाओमिनलुन हाओलाओ (हितलाल कुकी)—की मौत हो गई। दोनों कांगपोकपी जिले के निवासी थे।

मुल्लम ग्राम प्राधिकरण ने आरोप लगाया है कि सुबह करीब 5:30 बजे तांगखुल उग्रवादियों ने गांव पर हमला किया। वहीं Kuki Organization for Human Rights Trust ने घटना की निंदा करते हुए दावा किया है कि मुल्लम और सोंगफाल गांवों में कुछ घरों को भी आग के हवाले किया गया।

बढ़ता तनाव, सुरक्षा बल तैनात

उखरुल जिला मुख्य रूप से तांगखुल नागा बहुल क्षेत्र है, जहां फरवरी 2026 से कुकी और तांगखुल समुदायों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में भी उग्रवादी हमलों में दो तांगखुल लोगों की मौत हुई थी।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है। पुलिस और जिला प्रशासन हालात को काबू में करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन समुदायों के बीच बढ़ता अविश्वास शांति बहाली में बड़ी चुनौती बना हुआ है।