प्रतापगढ़ जिला जेल में एचआईवी संक्रमण का मामला, 13 किन्नरों में सात की रिपोर्ट प्रारंभिक जांच में पॉजिटिव

जिला जेल प्रतापगढ़ में एचआईवी संक्रमण का मामला सामने आने से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में सतर्कता बढ़ गई है। दो दिन पूर्व जेल भेजे गए 13 किन्नरों में से सात प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच में एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं।

प्रतापगढ़ जिला जेल में एचआईवी संक्रमण का मामला, 13 किन्नरों में सात की रिपोर्ट प्रारंभिक जांच में पॉजिटिव
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

प्रतापगढ़ से विकास गुप्ता की रिपोर्ट —

प्रतापगढ़/जनमत न्यूज़। थाना कोतवाली नगर क्षेत्र से जुड़े एक मामले में जिला जेल प्रतापगढ़ में एचआईवी संक्रमण का मामला सामने आने से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में सतर्कता बढ़ गई है। दो दिन पूर्व जेल भेजे गए 13 किन्नरों में से सात प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच में एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। सभी संदिग्धों के रक्त नमूने अंतिम पुष्टि के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार यह मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के अचलपुर मोहल्ले का है, जहां रविवार को किन्नर मिस्बा गुट और अंजलि गुट के बीच मारपीट की घटना हुई थी। इसके बाद शाम को दोनों पक्षों में पुनः विवाद हो गया। सूचना पर मौके पर पहुंचे उप निरीक्षक प्रशांत दुबे ने दोनों गुटों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कुल 13 किन्नरों को जेल भेज दिया था।

जेल में बंद किए जाने के बाद दोनों गुटों के बीच दोबारा टकराव की आशंका को देखते हुए जेल प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से उन्हें अलग-अलग बैरकों में रखा। इसी दौरान यह सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सक को बुलाया गया कि सभी आरोपी वास्तव में किन्नर हैं या नहीं। जांच में एक व्यक्ति पुरुष पाया गया।

इसके पश्चात सभी आरोपियों की स्वास्थ्य जांच कराई गई, जिसमें सात किन्नरों की प्रारंभिक रिपोर्ट एचआईवी पॉजिटिव आई। जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया। एहतियातन, एचआईवी पॉजिटिव पाए गए किन्नरों को अन्य बंदियों से अलग रखा गया है और संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं।

जिला जेल अधीक्षक ऋषभ द्विवेदी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सात बंदियों की रिपोर्ट एचआईवी पॉजिटिव आने के बाद उनके रक्त नमूने पुष्टि के लिए भेजे गए हैं। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इनके संपर्क में रहे हैं, उनके लिए भी जांच कराना बेहतर होगा। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे मामले पर लगातार निगरानी बनाए हुए है और अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।