बलिया की सभी तहसीलों में आज होगी बाढ़ आपदा मॉक एक्सरसाइज, बाढ़ राहत कार्यों का होगा प्रदर्शन

आगामी बाढ़ सीजन को देखते हुए उप्र के बलिया जनपद में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए 11 जून को राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया जाएगा।

बलिया की सभी तहसीलों में आज होगी बाढ़ आपदा मॉक एक्सरसाइज, बाढ़ राहत कार्यों का होगा प्रदर्शन
Published By- Diwaker Mishra

बलिया से गणेश तिवारी की रिपोर्ट

बलिया/जनमत न्यूज़। आगामी बाढ़ सीजन को देखते हुए उप्र के बलिया जनपद में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए 11 जून को राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया जाएगा।

अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि यह अभ्यास जिले की सभी तहसीलों में एक साथ आयोजित होगा, जिसमें विभिन्न विभागों, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, पशुपालन विभाग तथा आपदा मित्रों की सक्रिय भागीदारी रहेगी।

उन्होंने बताया कि बुधवार 11 जून को प्रातः 09 बजे से तहसील सदर, बैरिया, बांसडीह, सिकंदरपुर एवं बेल्थरारोड में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसके तहत तहसील सदर क्षेत्र के उजियार घाट (गंगा नदी), बैरिया के ग्राम दुबे छपरा (गंगा नदी), बांसडीह क्षेत्र में सहजानंद बाबा पुराना स्थान (सरयू नदी), बेल्थरारोड के ग्राम तुर्तीपार (सरयू नदी) तथा सिकंदरपुर के ग्राम कठौड़ा (सरयू नदी) को अभ्यास स्थल बनाया गया है।

मॉक एक्सरसाइज के दौरान नाव पलटने की घटना, डूबते व्यक्तियों का रेस्क्यू, मेडिकल कैंप की स्थापना, बाढ़ में फंसे लोगों की खोज एवं बचाव, प्रभावितों को सुरक्षित शरणालयों तक पहुंचाना, पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना, राहत शिविरों की स्थापना तथा फील्ड हॉस्पिटल तैयार करने जैसे विभिन्न परिदृश्यों का अभ्यास किया जाएगा।

अभ्यास के तहत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी) को नदी का जलस्तर बढ़ने और गांवों के जलमग्न होने की सूचना मिलने से लेकर संबंधित अधिकारियों को अलर्ट करने की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जाएगा।

इसके बाद एनडीआरएफ, स्वास्थ्य, पुलिस, विकास और पशुपालन विभाग की टीमें सक्रिय होकर राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम देंगी। आपदा मित्रों द्वारा बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।

डूबे हुए व्यक्ति को मेडिकल कैंप में उपचार के लिए भेजने, सर्पदंश पीड़ित को ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने तथा गर्भवती महिला के सुरक्षित प्रसव जैसी परिस्थितियों का भी अभ्यास किया जाएगा।

इसके अलावा बाढ़ में मृत व्यक्ति के शव की तलाश, पशुओं को सुरक्षित शिविरों में पहुंचाकर उनका उपचार एवं चारा वितरण, राहत केंद्रों पर खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं का वितरण तथा तटबंध में रिसाव की स्थिति में उसे रोकने की कार्यवाही का भी प्रदर्शन किया जाएगा।

अपर जिलाधिकारी ने बताया कि इस व्यापक मॉक ड्रिल का उद्देश्य बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का आकलन करना है। कार्यक्रम के अंत में गोष्ठी आयोजित कर अनुभव साझा किए जाएंगे तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ अभ्यास का समापन होगा।