नए कस्टम अधिनियम के विरोध में एजेंट्स की हड़ताल जारी, भारत-नेपाल सीमा पर मालवाहक वाहन फंसे

भारत-नेपाल के अंतर्राष्ट्रीय सीमा सोनौली बॉर्डर पर पिछले तीन दिनों से व्यापार गतिविधियां ठप पड़ी हुई हैं। नेपाल में लागू किए गए नए सीमा शुल्क अधिनियम 2082 के प्रावधानों का विरोध करते हुए नेपाल कस्टम एजेंट्स फेडरेशन ने हड़ताल शुरू कर दी है,

नए कस्टम अधिनियम के विरोध में एजेंट्स की हड़ताल जारी, भारत-नेपाल सीमा पर मालवाहक वाहन फंसे
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

महाराजगंज से नवीन मिश्रा की रिपोर्ट —

महराजगंज/जनमत न्यूज। भारत-नेपाल के अंतर्राष्ट्रीय सीमा सोनौली बॉर्डर पर पिछले तीन दिनों से व्यापार गतिविधियां ठप पड़ी हुई हैं। नेपाल में लागू किए गए नए सीमा शुल्क अधिनियम 2082 के प्रावधानों का विरोध करते हुए नेपाल कस्टम एजेंट्स फेडरेशन ने हड़ताल शुरू कर दी है, जिसके कारण सीमा से होकर मालवाहक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है।

नई दंड व जुर्माना व्यवस्था के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के चलते नेपाल के बेलहिया भंसार कार्यालय पर कामकाज पूर्ण रूप से बाधित है। कस्टम एजेंटों ने कार्यालयों में ताला डालकर प्रदर्शन किया और सरकार से कड़े प्रावधानों को वापस लेने की मांग की।

हड़ताल का व्यापक प्रभाव भारत की ओर भी दिखाई दे रहा है। सोनौली बॉर्डर पर भारतीय मालवाहक वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं। तीन दिनों से नेपाल में प्रवेश न मिलने के कारण ट्रक, कंटेनर और छोटे मालवाहक सड़क पर ही फंसे हुए हैं।

वाहन चालकों का कहना है कि लंबे समय तक इंतजार के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भोजन-पानी की कमी और लगातार जाम की स्थिति के कारण हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। सीमा पर सामान्य स्थिति बहाल होने के कोई आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं।

नेपाल कस्टम एजेंट्स फेडरेशन ने साफ किया है कि जब तक नया अधिनियम वापस नहीं लिया जाता या उसमें संशोधन नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। उधर, सीमा पर व्यापार बंद रहने से दोनों देशों के कारोबारी वर्ग को भारी नुकसान हो रहा है।