कचहरी परिसर में युवक और उसके पिता पर जानलेवा हमले का आरोप, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार

कचहरी परिसर में अचानक हुए हंगामे और शोरगुल को सुनकर आसपास मौजूद अधिवक्ता एवं अन्य लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।

कचहरी परिसर में युवक और उसके पिता पर जानलेवा हमले का आरोप, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट —

मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज। मुजफ्फरनगर कचहरी परिसर में युवक और उसके पिता पर कथित जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद कचहरी परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी और चर्चा का माहौल बना रहा।

जानकारी के अनुसार गाजियाबाद जनपद के थाना लोनी क्षेत्र स्थित साहिल सिटी, अशोक विहार निवासी हैदर पुत्र कुतुबुद्दीन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 15 मई 2026 को वह अपने पिता कुतुबुद्दीन के साथ दहेज उत्पीड़न मामले की सुनवाई के सिलसिले में मुजफ्फरनगर कचहरी पहुंचे थे। दोनों अपने अधिवक्ता गगन कुमार प्रजापति के कार्यालय में मौजूद थे।

पीड़ित का आरोप है कि इसी दौरान आरिफ नामक व्यक्ति अपने चार साथियों के साथ वहां पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और आरोपियों ने हमला कर दिया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हमलावरों ने कुतुबुद्दीन का गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की।

कचहरी परिसर में अचानक हुए हंगामे और शोरगुल को सुनकर आसपास मौजूद अधिवक्ता एवं अन्य लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यदि समय रहते लोग मौके पर नहीं पहुंचते तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

घटना के बाद पीड़ित ने तत्काल पुलिस सहायता संख्या 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में पीड़ित पक्ष थाना सिविल लाइन पहुंचा और लिखित शिकायत दी। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने दोनों पक्षों का शांति भंग में चालान कर दिया, जबकि उनके साथ गंभीर मारपीट और जानलेवा हमला हुआ था।

पीड़ित परिवार के अनुसार कुतुबुद्दीन का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया, जिसमें चोट आने की पुष्टि हुई है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष से उन्हें लगातार जान-माल का खतरा बना हुआ है।

पीड़ित हैदर ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।