बहराइच: रामलीला मैदान में पढ़ाया गया 50 मुस्लिम जोड़ों का निकाह, सामूहिक विवाह बना सामाजिक समरसता की मिसाल

उप्र के बहराइच के महसी स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। जिस मंच पर हर वर्ष भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह की पावन लीला का मंचन होता है.

बहराइच: रामलीला मैदान में पढ़ाया गया 50 मुस्लिम जोड़ों का निकाह, सामूहिक विवाह बना सामाजिक समरसता की मिसाल
Published By- Diwaker Mishra

बहराइच से रिजवान खान की रिपोर्ट

बहराइच/जनमत न्यूज़। उप्र के बहराइच के महसी स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। जिस मंच पर हर वर्ष भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह की पावन लीला का मंचन होता है, उसी मैदान में रविवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द की नई तस्वीर पेश कर दी।

एक ओर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हिंदू जोड़े सात फेरे लेकर सात जन्मों के बंधन में बंध रहे थे, तो दूसरी ओर उसी मैदान में मौलाना 50 मुस्लिम जोड़ों का पूरे इस्लामी रीति-रिवाज के साथ निकाह पढ़वा रहे थे।

एक ही परिसर में दो अलग-अलग धार्मिक परंपराओं का सम्मानपूर्वक निर्वहन होते देख हजारों लोगों ने इसे भाईचारे और साझा संस्कृति का जीवंत उदाहरण बताया।

जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस भव्य समारोह में कुल 411 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया, जिनमें 50 मुस्लिम जोड़ों का निकाह भी शामिल रहा। पूरे कार्यक्रम में उत्सव जैसा माहौल रहा और हजारों लोग इन नवविवाहित जोड़ों के जीवन के साक्षी बने।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी जोड़े को एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें 40 हजार रुपये का गृहस्थी का सामान और 60 हजार रुपये बैंक खाते में दिए जाते हैं। गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह योजना बड़ी राहत साबित हो रही है।

निकाह पढ़वाने पहुंचे मौलाना अब्दुल रहीम ने कहा कि 50 मुस्लिम जोड़ों का निकाह बेहद सम्मानजनक और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री की इस योजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का निकाह बिना किसी बोझ के हो पा रहा है, जो वास्तव में सराहनीय पहल है।

समाज कल्याण अधिकारी श्रद्धा पांडे ने बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन में कुल 411 जोड़ों का विवाह प्रस्तावित था, जिनमें 50 मुस्लिम जोड़ों का निकाह भी शामिल रहा। उन्होंने कहा कि प्रशासन की पूरी टीम ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की थीं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा विधायक सुरेश्वर सिंह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग सरकार पर भेदभाव के आरोप लगाते हैं, उन्हें बहराइच का यह दृश्य स्वयं जवाब दे रहा है।

उन्होंने कहा कि जिस रामलीला मैदान में राम-सीता विवाह होता है, उसी मंच पर मुस्लिम समाज के 50 जोड़ों का सम्मानपूर्वक निकाह कराया जाना इस बात का प्रमाण है कि सरकार सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास' के मंत्र पर पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल तुष्टिकरण की राजनीति और आरोपों की पटकथा लिखने में व्यस्त है, जबकि सरकार जमीन पर विकास, विश्वास और सामाजिक समरसता की नई इबारत लिख रही है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष के पास अब आरोपों के अलावा कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, जबकि सरकार हर वर्ग और हर समुदाय को साथ लेकर आगे बढ़ रही है।