संभल: सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज, ब्लैकमेल कर रुपये ठगने का आरोप
उप्र के संभल जनपद की सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर अरीशा सहित नामजद युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि नैनीताल घूमने के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी.
संभल से राम व्रेश यादव की रिपोर्ट
संभल/जनमत न्यूज़। उप्र के संभल जनपद की सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर अरीशा सहित नामजद युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि नैनीताल घूमने के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी और उसके बाद प्रेमजाल में फंसाकर फोटो-वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल कर हजारों रुपये ठग लिए गए।
पीड़ित युवक की शिकायत पर संभल कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। पूरा मामला संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चौधरी सराय निवासी शाहरुख पुत्र मोहम्मद हनीफ ने ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
पीड़ित के अनुसार, तीन वर्ष पहले वह नैनीताल घूमने गए थे, जहां उनकी मुलाकात मोहल्ला दीपा सराय, थाना नखासा निवासी अरीशा पुत्री दिलदार से हुई थी। शाहरुख ने आरोप लगाया कि अरीशा एक गिरोह चलाती है, जो लड़कों को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उनके साथ फोटो और वीडियो बनाता है।
बाद में गिरोह के सदस्य अनस और शुऐब उर्फ शुऐब बेकरी निवासी महमूद खां सराय, थाना संभल, मिलकर उन्हें ब्लैकमेल करते हैं। वे झूठे छेड़छाड़ के मुकदमे दर्ज कराने और सामाजिक बदनामी की धमकी देकर समझौता करने का दबाव बनाते हैं।
मिली जानकारी के अनुसार कि बदनामी के डर से उन्होंने 1 जुलाई 2023 को अरीशा और उसके साथियों के साथ एक स्टाम्प पेपर पर समझौता किया था, जिसे नोटरी भी कराया गया था।
इस समझौते में अरीशा ने स्पष्ट रूप से लिखा था कि उसने शाहरुख के खिलाफ झूठे आरोप लगाए थे और शाहरुख ने उसके साथ कोई गलत काम नहीं किया था। इसके बावजूद अब अरीशा और उसके साथी उन्हें दोबारा ब्लैकमेल कर रहे हैं।
उन्होंने शाहरुख को फोन कर कहा कि वे उसे भूले नहीं हैं और उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराकर जेल भिजवा देंगे। साथ ही फोटो-वीडियो वायरल कर देंगे और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा देंगे, जिससे वह कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहेगा।
आरोप है कि अलग-अलग तरीकों से ब्लैकमेल कर पीड़ित युवक से 55 हजार रुपये से अधिक की रकम वसूल की जा चुकी है। थाना प्रभारी सुधीर पंवार ने बताया कि पीड़ित युवक की शिकायत पर अरीशा नाम की एक युवती सहित दो युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनके अलावा कुछ अन्य लोगों पर भी ब्लैकमेलिंग कर रुपये ऐंठने और झूठे मुकदमों में फंसाने का आरोप लगाया गया है।


