राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में खुलकर आया संत समाज

उप्र की राम नगरी अयोध्या में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर चल रहे विवाद के बीच संत समाज खुलकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में सामने आया है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में खुलकर आया संत समाज
Published By- Diwaker Mishra

अयोध्या से आज़म खान की रिपोर्ट

अयोध्या/जनमत न्यूज़। उप्र की राम नगरी अयोध्या में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर चल रहे विवाद के बीच संत समाज खुलकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में सामने आया है।

अयोध्या स्थित राम कचहरी मंदिर में संतों ने बैठक कर स्पष्ट कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी एक व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसआईटी जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

बैठक के बाद जगतगुरु परमहंस आचार्य ने दावा किया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्षी दलों की ओर से भ्रामक जानकारी फैलाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में राजनीतिक षड्यंत्र की आशंका है।

परमहंस आचार्य ने यह भी दावा किया कि टिन्नू यादव और अखिलेश यादव के बीच कई बार बातचीत हुई थी और इस संबंध में कॉल डिटेल्स का हवाला दिया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

जगद्गुरु ने दावा करते हुए कहा कि जिसमें यहां पता चला कि टिन्नू यादव’,अखिलेश यादव के कहने पर ये घपला किए। अखिलेश यादव इल्म बताते रहे, टिन्नू यादव माल उड़ाते रहे।

दावा करते हुए परमहंस आचार्य ने बताया कि 980 बार अखिलेश यादव और टिन्नू यादव की बातचीत हुई है। जिस दिन अखिलेश यादव ने ट्वीट किया था, उस दिन तीन बार बातचीत हुई है, ये कॉल डिटेल्स से मालूम हुआ है।

परमहंस आचार्य ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी इस मामले में निर्दोष हैं और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर के संचालन में सरकारी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए और चंपत राय को उन्होंने निर्दोष और सच्चा सनातनी बताते हुए संत समाज का पूरा समर्थन देने की बात कही।