फर्रुखाबाद में भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर का गजब कारनामा, स्वस्थ कूल्हे का कर दिया ऑपरेशन
एक घायल, उधार के 50 हजार रुपये और गंभीर सवाल-क्या सरकारी अस्पताल का भरोसा मरीज के साथ धोखा कर गया? फर्रुखाबाद के गंगा नगर से आई यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल पर तीखे सवाल खड़े कर रही है।
फर्रुखाबाद से वरुण दुबे की रिपोर्ट
फर्रुखाबाद/जनमत न्यूज़। एक घायल, उधार के 50 हजार रुपये और गंभीर सवाल-क्या सरकारी अस्पताल का भरोसा मरीज के साथ धोखा कर गया? फर्रुखाबाद के गंगा नगर से आई यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल पर तीखे सवाल खड़े कर रही है।
29 मई को छत से गिरकर घायल हुए महेश शर्मा को उनकी पत्नी आरती शर्मा ने लोहिया अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में संविदा पर तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आयुष्मान सिंह ने कहा कि यहाँ ऑपरेशन नहीं होगा और मरीज को अपने निजी अस्पताल में भर्ती करा लिया। परिवार ने इलाज के लिए मजबूरी में 50 हजार रुपये उधार लिए।
ऑपरेशन के बाद खुलासा हुआ कि जो कूल्हा टूटा था, उसकी जगह स्वस्थ कूल्हे का ऑपरेशन कर दिया गया। परिजनों ने विरोध किया तो डॉक्टर ने गलती स्वीकार कर बाद में टूटे कूल्हे का भी ऑपरेशन किया।
आरती का कहना है कि ऑपरेशन से जुड़े दस्तावेज और एक्स-रे उन्हें अब तक नहीं दिए गए। यह मामूली पारिवारिक विवाद नहीं बल्कि उस प्रणाली का मुद्दा है जो सार्वजनिक संसाधनों (डॉक्टर की तैनाती और मरीजों के इलाज के लिये खर्च होने वाले सरकारी पैसे) पर निर्भर है।
अगर संविदा अधिकारी मरीजों को निजी व्यवस्था की ओर ले जाते हैं, तो न सिर्फ परिवारों की आर्थिक और शारीरिक सुरक्षा खतरे में आती है, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की साख और सार्वजनिक धन की पारदर्शिता भी सवालों के घेरे में आ जाती है।
परिवार ने जिलाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग से त्वरित और निष्पक्ष जांच तथा सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब इंतज़ार प्रशासन की जांच रिपोर्ट और यह देखने का है कि स्वास्थ्य प्रणाली और सार्वजनिक पैसे की रक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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