जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए सीआरपीएफ सब-इंस्पेक्टर कमलेश पाल का राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार, गांव में उमड़ा जनसैलाब

सोमवार सुबह भीषण ठंड के चलते उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनका आकस्मिक निधन हो गया। पोस्टमार्टम एवं सैन्य औपचारिकताओं के बाद मंगलवार सुबह उनका पार्थिव शरीर विशेष वाहन से गांव लाया गया।

जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए सीआरपीएफ सब-इंस्पेक्टर कमलेश पाल का राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार, गांव में उमड़ा जनसैलाब
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

औरैया से अरूण बाजपेयी की रिपोर्ट —

औरैया/जनमत न्यूज। जम्मू-कश्मीर में देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद हुए सीआरपीएफ के सब-इंस्पेक्टर कमलेश पाल का मंगलवार को उनके पैतृक गांव डहरियापुर, तहसील बिधूना में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव शरीर को देखकर हर आंख नम थी, लेकिन देशभक्ति के नारों से पूरा गांव गूंज उठा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम डहरियापुर निवासी सब-इंस्पेक्टर कमलेश पाल (उर्फ कल्टर सिंह), पुत्र शिवराम सिंह, सीआरपीएफ में तैनात थे और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर की दुर्गम वादियों में देश सेवा कर रहे थे। सोमवार सुबह भीषण ठंड के चलते उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनका आकस्मिक निधन हो गया। पोस्टमार्टम एवं सैन्य औपचारिकताओं के बाद मंगलवार सुबह उनका पार्थिव शरीर विशेष वाहन से गांव लाया गया।

जैसे ही शहीद का शव गांव की सीमा में पहुंचा, हजारों की संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रवासी हाथों में तिरंगा लेकर अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। इस दौरान “भारत माता की जय” और “जब तक सूरज चांद रहेगा, कमलेश तुम्हारा नाम रहेगा” जैसे गगनभेदी नारों से पूरा डहरियापुर गूंज उठा। शहीद की अंतिम यात्रा उनके निवास स्थान से होते हुए अंतिम संस्कार स्थल तक निकाली गई।

शहीद के घर पहुंचने पर सीआरपीएफ के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। इसके बाद गांव के समीप बेला-बिधूना मार्ग किनारे स्थित निजी खेत में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सैन्य सम्मान के साथ तिरंगे को नमन करते हुए लोगों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।

अंतिम संस्कार के दौरान शहीद की पत्नी सरोजनी देवी, पुत्र कश्मीर पाल और अमरेश पाल, पुत्रवधुएं, पुत्री मालती, भाई मास्टर सिंह पाल सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार को ढांढस बंधाने के लिए रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ मौजूद रही।

ग्रामीणों ने बताया कि कमलेश पाल बेहद मिलनसार, कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित स्वभाव के व्यक्ति थे। उनका जीवन हमेशा देशसेवा और समाज के लिए समर्पित रहा। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र ने एक सच्चा देशभक्त सपूत खो दिया है।

शहीद कमलेश पाल की शहादत से डहरियापुर गांव सहित पूरे बिधूना क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने शहीद को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को नमन किया।