फतेहपुर: बसपा नेता के बेटे और अंगरक्षक की हत्या में 18 साल बाद आया फैसला, 14 आरोपियों को उम्रकैद की सजा
उप्र के फतेहपुर जनपद के हथगाम थाना क्षेत्र के पट्टीशाह गांव में वर्ष 2008 में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में 18 साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 14 आरोपियों को दोषी करार दिया है।
फतेहपुर से भीमशंकर की रिपोर्ट
फतेहपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के फतेहपुर जनपद के हथगाम थाना क्षेत्र के पट्टीशाह गांव में वर्ष 2008 में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में 18 साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 14 आरोपियों को दोषी करार दिया है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार वर्ष 2008 में गांव में निकल रहे मातमी जुलूस के दौरान बसपा नेता मज्जू मियां, उनके पुत्र रेयाज अतहर और निजी अंगरक्षक शमशाद पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी।
हमले में रेयाज अतहर की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल अंगरक्षक शमशाद ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। घटना के बाद क्षेत्र में भारी तनाव फैल गया था और पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
करीब 18 वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने शरीफ, मोईन, नेहाल, रईश, सगीर, इसराइल, अशोक, शफीक, साबिर, सादिक, वाजिद, संजय और मुन्नू सिंह समेत 14 आरोपियों को दोषी ठहराया है, और 38-38 हजार का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट के इस फैसले को पीड़ित पक्ष के लिए बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है।

Janmat News 
