मुख्यमंत्री के इशारे पर हुआ अपमान, उप मुख्यमंत्री के आग्रह पर कैसे कर लूं स्नान: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा क्षमायाचना करते हुए स्नान करने के आग्रह पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि भाजपा में कम से कम ऐसे नेता भी हैं जिन्हें गलती होने पर ग्लानि हुई।
प्रयागराज/जनमत न्यूज़। उप्र के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा क्षमायाचना करते हुए स्नान करने के आग्रह पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि भाजपा में कम से कम ऐसे नेता भी हैं जिन्हें गलती होने पर ग्लानि हुई। उन्होंने क्षमा मांगकर नेक कार्य किया, लेकिन वो मुख्यमंत्री नहीं हैं।
मारपीट के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री के इशारे पर मेरा अपमान हुआ है। मेरे लोगों को पीटा गया है। ऐसे में उप मुख्यमंत्री के आग्रह पर कैसे स्नान कर लूं? इस मामले में मुख्यमंत्री ने कुछ नहीं कहा। मारपीट के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
स्नान करने गया तो पुन: हो सकती है अभद्रता व मारपीट
उन्होंने कहा कि अगर स्नान करने गया तो पुन: अभद्रता और मारपीट हो सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सनातन धर्म को कालनेमियों से खतरा होने को लेकर दिए गए बयान पर कहा कि कालनेमि कौन है उसे वह बेहतर तरीके से जानते हैं। कालनेमियों का चेहरा स्पष्ट है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को हो गया बुखार
बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आज शुक्रवार को वसंत पंचमी पर गंगा स्नान को नहीं गए हैं। उन्हें मनाने माघ मेला प्रशासन के कोई अधिकारी नही पहुंचे और न ही सीएम योगी की ओर से कोई आश्वासन मिला।
इसीलिए वह माघ मेला स्थित अपने शिविर के बाहर वाहन में बैठे रहे, इसके बाद पालकी में बैठ गए। बताया जाता है कि ठंड में बाहर कई दिनों तक बैठे रहने के कारण स्वामी बुखार से पीड़ित हो गए हैं।
मौनी अमावस्या को हुआ था विवाद
उल्लेखनीय है कि माघ मेला के प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिष्यों के साथ पहिया लगी बग्घी से गंगा स्नान करने जा रहे थे। माघ मेला प्रशासन ने उन्हें इसलिए रोक दिया था कि किसी को भी बग्घी आदि वाहन से स्नान के लिए जाने की अनुमति नहीं है। इसे लेकर उनके समर्थन में कुछ शिष्यों आदि ने हंगामा कर दिया था।

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