मुजफ्फरनगर: फिर कैसे खुल जाते हैं सील हुए अवैध अस्पताल? स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल

उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद में अवैध अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है। 22 अप्रैल को डीएम व सीएमओ के निर्देश पर नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार की टीम ने रुड़की रोड पर छापेमारी कर सन्तान हॉस्पिटल समेत कई केंद्रों को बिना पंजीकरण संचालित पाया।

मुजफ्फरनगर: फिर कैसे खुल जाते हैं सील हुए अवैध अस्पताल? स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल
Published By- Diwaker Mishra

मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट

मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज़। उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद में अवैध अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है। 22 अप्रैल को डीएम व सीएमओ के निर्देश पर नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार की टीम ने रुड़की रोड पर छापेमारी कर सन्तान हॉस्पिटल समेत कई केंद्रों को बिना पंजीकरण संचालित पाया।

एक अस्पताल को सील किया गया, जबकि अन्य को नोटिस जारी किए गए लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसे अवैध अस्पताल सील होने के बाद दोबारा कैसे खुल जाते हैं?

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा आम है कि कुछ दिनों की कार्रवाई के बाद ये अस्पताल फिर से शुरू हो जाते हैं और लोगों के जीवन से खिलवाड़ जारी रहता है। क्या इन अस्पतालों को किसी का संरक्षण प्राप्त है? या फिर विभागीय स्तर पर निगरानी में कमी है?

स्वास्थ्य विभाग सख्ती के दावे जरूर कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब जरूरत है कि उच्च अधिकारी इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर यह सुनिश्चित करें कि एक बार सील हुए अवैध अस्पताल दोबारा संचालित न हो सकें।