उरई: ‘कोई मतदाता न छूटे’ के संकल्प के साथ निर्वाचन प्रक्रिया को बनाया जा रहा सरल, सुलभ व समावेशी
उरई में SIR-2026 के संबंध में रोल प्रेक्षक/मंडलायुक्त झांसी मण्डल, झांसी बिमल कुमार दुबे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट
उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के उरई जिले में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR)-2026 के संबंध में रोल प्रेक्षक/मंडलायुक्त झांसी मण्डल, झांसी बिमल कुमार दुबे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जनपद में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 की प्रगति, मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रियाओं तथा मतदाताओं को दी जा रही सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
रोल प्रेक्षक ने कहा कि आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन के उपरांत गणना चरण में जिन मतदाताओं की मैपिंग विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सकी है, उनके लिए क्रमबद्ध रूप से नोटिस जारी करने की कार्यवाही प्रारंभ है।
जनपद के सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नोटिसों पर विधिवत सुनवाई की जा रही है।
उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के उद्देश्य कोई मतदाता न छूटे को रेखांकित करते हुए कहा कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के नियम-18 के अंतर्गत पुनरीक्षण प्रक्रिया को सरल, सुलभ एवं समावेशी बनाया गया है।
इस प्रक्रिया में मतदाताओं को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट दी गई है तथा जो मतदाता स्वयं उपस्थित नहीं हो सकते, वे लिखित प्राधिकरण के माध्यम से अपने प्रतिनिधि को सुनवाई के लिए भेज सकते हैं।
रोल प्रेक्षक ने यह भी कहा कि मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर लॉगिन कर नोटिस से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा ऑनलाइन माध्यम से ही नोटिस का उत्तर एवं आवश्यक अभिलेख अपलोड कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त बीएलओ के माध्यम से भी मतदाताओं को नोटिस उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने जन्मतिथि के आधार पर आवश्यक अभिलेखों की जानकारी देते हुए बताया कि 01 जुलाई 1987 से पूर्व जन्म वाले मतदाताओं को केवल स्वयं से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे।
जबकि 01 जुलाई 1987 से 02 दिसंबर 2004 के मध्य जन्म वाले मतदाताओं को स्वयं के साथ माता अथवा पिता में से किसी एक के अभिलेख देने होंगे। वहीं 02 दिसंबर 2004 के बाद जन्म वाले मतदाताओं को स्वयं के साथ माता एवं पिता दोनों के अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। नोटिस के उत्तर में जन्मतिथि अथवा जन्म स्थान के प्रमाण के रूप में आयोग द्वारा मान्य 13 अभिलेखों में से कोई एक प्रस्तुत किया जा सकता है।
रोल प्रेक्षक ने कहा कि 31 जनवरी 2026 को आयोजित विशेष अभियान दिवस को सफल बनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग की अपील की गई है, ताकि जनपद में एक भी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए।
इस अवसर पर जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नेहा ब्याडवाल सहित संबंधित अधिकारीगण एवं कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी,
जल शक्ति मंत्री के प्रतिनिधि अरविंद चौहान, भाजपा से शांतिस्वरूप, सपा से जमालुद्दीन, बसपा से भगवती शरण पांचाल, कांग्रेस से अरविंद सेंगर, अपना दल (एस) से अनिल अटरिया, सीपीआईएम से विनोद कुमार एवं आम आदमी पार्टी से विनय चौरसिया सहित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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