संभल से रामब्रेस यादव की रिपोर्ट —
संभल/जनमत न्यूज। राजधानी लखनऊ में लगाए गए विवादित पोस्टरों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। धुरंधर फिल्म के नाम पर लगाए गए पोस्टरों में समाजवादी पार्टी की सरकार पर कटाक्ष किए जाने से सपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है। संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने इसे सोची-समझी साजिश बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
सपा सांसद बर्क ने कहा कि इन पोस्टरों के जरिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की छवि खराब करने और युवाओं को भटकाने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी भी इसी तरह जवाब देने लगे तो भाजपा के लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा।
जानकारी के अनुसार लखनऊ के कई प्रमुख चौराहों और खासकर मुख्यमंत्री आवास के आसपास ऐसे पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए गए हैं, जिनमें एक ओर समाजवादी पार्टी के शासनकाल को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर निशाना बनाया गया है, जबकि दूसरी ओर मौजूदा सरकार की सख्ती को दर्शाने की कोशिश की गई है। यह पोस्टर अभियान Youth Against Mafia नाम से चलाया जा रहा बताया जा रहा है।
इन होर्डिंग्स में मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली से जुड़े दंगों का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी पर सवाल उठाए गए हैं। वहीं दूसरी ओर योगी सरकार के दौरान माफिया के खिलाफ हुई कार्रवाई को प्रमुखता से दिखाया गया है। पोस्टरों में अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और मुकीम काला जैसे कुख्यात अपराधियों से जुड़ी खबरों की कटिंग्स भी लगाई गई हैं।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि अगर किसी के पास कोई ठोस सबूत है तो उसे सामने लाया जाए। बिना प्रमाण के इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता की छवि खराब करने का किसी को अधिकार नहीं है और ऐसे पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को भटकाने और समाज में भाईचारा बिगाड़ने वाली कोशिशों को रोकना जरूरी है। फिलहाल इस मामले में समाजवादी पार्टी आगे क्या कदम उठाएगी, इस पर उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से चर्चा के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धुरंधर फिल्म से जुड़ा यह पोस्टर विवाद अब उत्तर प्रदेश की सियासत में नया मुद्दा बन गया है और आने वाले दिनों में इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।