मैनपुरी जिला अस्पताल में बिजली गुल, मोबाइल की टॉर्च से हुआ इलाज, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
अस्पताल में आपातकालीन और गंभीर मरीजों का इलाज किया जाता है, वहां बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का ठप होना मरीजों की जान से खिलवाड़ के समान है। फिलहाल वायरल वीडियो ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की पोल खोल दी है।
मैनपुरी से गौरव पाण्डेय की रिपोर्ट —
मैनपुरी/जनमत न्यूज़। जनपद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली सामने आई है। अचानक बिजली आपूर्ति ठप होने से पूरा अस्पताल परिसर अंधेरे में डूब गया, जिससे मरीजों की जान पर संकट खड़ा हो गया। बिजली गुल होते ही ओपीडी, वार्ड और ऑपरेशन थिएटर तक में अंधेरा छा गया।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि आपात स्थिति से निपटने के लिए लगाया गया ऑपरेशन थिएटर का इनवर्टर भी खराब निकला। इससे अस्पताल की वैकल्पिक बिजली व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई और गंभीर मरीजों के इलाज में भारी दिक्कतें आने लगीं।
बिजली न होने की स्थिति में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में मरीजों का इलाज करना पड़ा। इस दौरान अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तीमारदारों में दहशत और आक्रोश साफ तौर पर देखा गया।
घटना के समय किसी व्यक्ति ने मोबाइल से वीडियो बना लिया, जिसमें अंधेरे में मोबाइल की रोशनी से इलाज करते डॉक्टर साफ नजर आ रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल में बिजली, उपकरणों और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अस्पताल की बुनियादी सुविधाएं बदहाल बनी हुई हैं।
जिस अस्पताल में आपातकालीन और गंभीर मरीजों का इलाज किया जाता है, वहां बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का ठप होना मरीजों की जान से खिलवाड़ के समान है। फिलहाल वायरल वीडियो ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की पोल खोल दी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है और कब तक अस्पताल की बिजली व बैकअप व्यवस्था को दुरुस्त किया जाता है।

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