प्रतापगढ़: फर्जी प्रमाणपत्र दिखाकर मिर्जापुर के 8 आरक्षियों ने ली नियुक्ति; 'स्वतंत्रता संग्राम सेनानी' कोटे का उठाया फायदा

उप्र के प्रतापगढ़ जनपद में नागरिक पुलिस भर्ती में फर्जीवाडे का मामला सामने आया है। इस मामले में 5 जून को फर्जीवाड़े में आठ आरक्षी पुलिस जवानों के खिलाफ सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।

प्रतापगढ़: फर्जी प्रमाणपत्र दिखाकर मिर्जापुर के 8 आरक्षियों ने ली नियुक्ति; 'स्वतंत्रता संग्राम सेनानी' कोटे का उठाया फायदा
Published By- Diwaker Mishra

प्रतापगढ़ से विकास गुप्ता की रिपोर्ट

प्रतापगढ़/जनमत न्यूज़। उप्र के प्रतापगढ़ जनपद में नागरिक पुलिस भर्ती में फर्जीवाडे का मामला सामने आया है। इस मामले में 5 जून को फर्जीवाड़े में आठ आरक्षी पुलिस जवानों के खिलाफ सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले का खुलासा पूर्व आरटीसी प्रभारी उप-निरीक्षक राजेश कुमार यादव शिकायत पर इनके प्रमाणपत्रों के जांच के बाद हुआ।

प्रतापगढ़ सदर कोतवाली क्षेत्र में नागरिक पुलिस सीधी भर्ती-2023 में 8 आरक्षियों ने फर्जी तरीके से नियुक्तियां हासिल कीं। सभी आठों आरोपियों ने 'स्वतंत्रता संग्राम सेनानी' के आश्रित कोटे का लाभलेने के लिए फर्जी प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल किया था।

इस फर्जीवाडे में मिर्जापुर जिले के रहनेवाले अभिषेक पाण्डेय, शुभम दूबे, रविशंकर, प्रदीप कुमार, अजय कुमार, खुशबू गुप्ता, आकाश मिश्रा और दिव्यांशू यादव शामिल हैं। फर्जीवाडे की जानकारी होने पर प्रयागराज के एडवोकेट अभयराज सिंह ने आरक्षी शुभम दूबे के खिलाफ बांदा में शिकायत दर्ज कराई थी।

आरक्षी की नियुक्ति प्रतापगढ़ जिले में होने के चलते जांच को बांदा पुलिस ने प्रतापगढ़ पुलिस को सौंप दी थी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मामले की जांच सीओ सीटी प्रशांत राज हुड्डा को सौंपी गई।

जांच के दौरान बाकी सात आरक्षियों के प्रमाणपत्रों की भी जांच कराई गई। जांच में पता चला कि जिन जनपदों से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र जारी होने का दावा किया गया था, वहां से ऐसे कोई प्रमाणपत्र जारी ही नहीं किए गए।

मामले में पूर्व आरटीसी प्रभारी उप-निरीक्षक राजेश कुमार ने आरोप लगाया है कि संबंधित अभ्यर्थियों ने फर्जी हस्ताक्षरों वाले प्रमाणपत्र तैयार कराकर धोखाधड़ी से भर्ती में लाभ लिया। उन्होंने सभी आठ आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

पूर्व आरटीसी प्रभारी की तहरीर के आधार पर आठों आरोपियों के खिलाफ 5 जून को बीएनएस के तहत धारा 318 (4) (धोखाधड़ी), धारा 319(2) (प्रतिरूपण) और धारा 338 ( जाली दस्तावेजों) से संबंधित मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया है।

मामले की जांच उप-निरीक्षक अनुपम त्रिपाठी को सौंपी गई है। सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा ने बताया कि उप निरीक्षक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।