राजकीय इंटर कॉलेज की नई बिल्डिंग पर उठे सवाल
विद्यालय के प्रधानाचार्य नागेंद्र कुमार ने आरोप लगाया है कि भवन निर्माण में घटिया किस्म की ईंट और अन्य सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है।
बहराइच से रिजवान खान की रिपोर्ट —
बहराइच/जनमत न्यूज। जनपद में सरकारी नई किताबों को कबाड़ी के यहां बेचे जाने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि शिक्षा विभाग से जुड़ा एक और गंभीर मामला सामने आ गया है। थाना दरगाह शरीफ क्षेत्र में स्थित प्रतिष्ठित राजकीय इंटर कॉलेज बहराइच की नई बन रही इमारत की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि विद्यालय की पुरानी इमारत जर्जर हो चुकी थी, जिसके बाद सरकार द्वारा नव निर्माण के लिए कई करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी को सौंपी गई, लेकिन अब इस निर्माण की गुणवत्ता पर स्वयं विद्यालय प्रशासन ने गंभीर आपत्ति जताई है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य नागेंद्र कुमार ने आरोप लगाया है कि भवन निर्माण में घटिया किस्म की ईंट और अन्य सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार संबंधित संस्था यू पी सिडको को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई।
प्रधानाचार्य ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य इसी प्रकार मानक विहीन ढंग से होता रहा तो भविष्य में विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने और आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने की मांग की है।
सरकार जहां बच्चों को सुरक्षित और आधुनिक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं निर्माण एजेंसी पर लगे लापरवाही के आरोप चिंता का विषय बन गए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाती है या नहीं।
फिलहाल इस प्रकरण को लेकर शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है और स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

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