अखिलेश यादव के विवादित पोस्टरों से शाहजहांपुर में बढ़ा राजनीतिक तापमान

कुछ पोस्टरों में अखिलेश यादव को सपा की लाल टोपी पहने दिखाया गया, जबकि कुछ में उन्हें मुस्लिम समुदाय की धार्मिक टोपी पहने हुए दर्शाया गया था।

अखिलेश यादव के विवादित पोस्टरों से शाहजहांपुर में बढ़ा राजनीतिक तापमान
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

शाहजहांपुर से राजीव शुक्ला की रिपोर्ट —

शाहजहांपुर/जनमत न्यूज। मंगलवार सुबह शहर में अखिलेश यादव को लेकर लगाए गए विवादित पोस्टरों से राजनीतिक माहौल गरमा गया। शहर के कैंट रोड किनारे कई बड़े बैनर लगाए गए थे, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री को महिला विरोधी दर्शाते हुए आपत्तिजनक नारे लिखे गए थे।

जानकारी के मुताबिक यह पोस्टर सदर बाजार क्षेत्र के कैंट इलाके में लगाए गए थे। बताया जा रहा है कि कई बैनर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के पोस्टरों को ढकते हुए लगाए गए थे। पोस्टरों में अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ समाजवादी पार्टी शासनकाल को लेकर तीखे आरोप लगाए गए थे।

कुछ पोस्टरों में अखिलेश यादव को सपा की लाल टोपी पहने दिखाया गया, जबकि कुछ में उन्हें मुस्लिम समुदाय की धार्मिक टोपी पहने हुए दर्शाया गया था। पोस्टरों पर “महिला विरोधी सपाई”, “बेटियों की चीखें, गुंडों का शोर, सपा राज में यही था दौर”, “काले कारनामे टोपी लाल, महिलाएं थीं इनसे बेहाल” और “नारी का अपमान, सत्ता अभिमान, ये थी सपा की पहचान” जैसे नारे लिखे गए थे।

पोस्टरों की जानकारी मिलते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और विरोध जताते हुए पोस्टरों को फाड़ दिया। इस दौरान इलाके में कुछ देर के लिए राजनीतिक तनाव की स्थिति बन गई।

सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने के साथ माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से पोस्टर लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विवादित पोस्टर किसने लगाए थे। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।