टूंडला की तहसीलदार राखी शर्मा ने वेतन रोकने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, राज्य सरकार और जिलाधिकारी को बनाया पक्षकार
पिछले वर्ष 11 अगस्त से 16 सितंबर के बीच उनके खिलाफ कई प्रकार के आदेश जारी किए गए। इन आदेशों के बाद से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो गई है और उन्हें अपने दैनिक खर्च पूरे करने के लिए रिश्तेदारों से आर्थिक मदद लेनी पड़ रही है।
फिरोजाबाद से विमल कुमार सिंह की रिपोर्ट —
फिरोजाबाद/जनमत न्यूज। जनपद फिरोजाबाद की टूंडला तहसील में तैनात तहसीलदार राखी शर्मा ने करीब नौ महीने से वेतन रोके जाने के मामले में हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अपनी याचिका में राज्य सरकार के साथ-साथ जिलाधिकारी रमेश रंजन को भी पक्षकार बनाया है। तहसीलदार का आरोप है कि बिना किसी ठोस कारण के उनका वेतन अगस्त 2025 से रोक दिया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, आगरा निवासी राखी शर्मा की तैनाती 4 सितंबर 2024 को टूंडला तहसील में हुई थी। याचिका में उन्होंने कहा है कि नियुक्ति के बाद से उन्होंने बिना अवकाश लिए लगातार कार्य किया है और जनसेवा के भाव से अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं। इसके बावजूद उनका वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया, जिसकी कोई स्पष्ट वजह उन्हें नहीं बताई गई।
राखी शर्मा का कहना है कि अगस्त 2025 से उनका वेतन बंद है और पिछले वर्ष 11 अगस्त से 16 सितंबर के बीच उनके खिलाफ कई प्रकार के आदेश जारी किए गए। इन आदेशों के बाद से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो गई है और उन्हें अपने दैनिक खर्च पूरे करने के लिए रिश्तेदारों से आर्थिक मदद लेनी पड़ रही है।
तहसीलदार ने बताया कि उन्होंने विभागीय स्तर पर कई बार वेतन जारी कराने के लिए प्रयास किए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद उन्होंने फरवरी माह में हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें राज्य सरकार, जिलाधिकारी रमेश रंजन और वेतन आहरण एवं वितरण अधिकारी को भी पक्षकार बनाया गया है।
याचिका में उन्होंने अदालत से मांग की है कि उनका रुका हुआ वेतन जारी कराया जाए और उनके खिलाफ की जा रही कथित अनावश्यक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। फिलहाल इस मामले को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और सभी की नजर अब अदालत के आगामी फैसले पर टिकी हुई है।


