भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति का असर, कई जनपदों के सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेते गिरफ्तार
उप्र की योगी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति का असर अब धरातल पर दिखाई देने लगा है।
स्पेशल रिपोर्ट अभिलाष भट्ट
बांदा/बरेली/गोंडा/जनमत न्यूज़। उप्र की योगी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति का असर अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। सरकार की इस नीति के तहत रिश्वत मांगने या लेने वाले सरकारी कर्मचारियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है और उनकी गिरफ्तारी भी हो रही है।
इसी क्रम में बांदा जिले के एंटी करप्शन टीम को शिकायत मिली जिसके आधार पर टीम ने चकबंदी विभाग के लिपिक को 25 हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
दरअसल, शिकायतकर्ता सेवानिवृत्त फौजी धरमवीर सिंह पुत्र गणेशाराम ने एंटी करप्शन टीम को बताया कि चकबंदी विभाग के लिपिक अल्ताफ अली पुत्र स्व. इकराम अली ने उनसे भूमि के नक्शा दुरुस्तीकरण हेतु डेढ़ लाख रूपए की रिश्वत मांगी थी लेकिन काफी अनुनय विनय करने पर मामला 25 हजार रुपए में तय हुआ।
एंटी करप्शन टीम ने निरीक्षक मृत्युंजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में जाल बिछाया और लिपिक अल्ताफ अली को 25 हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एंटी करप्शन टीम ने थाना कोतवाली हमीरपुर में केस दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।
इसी तरह एक अन्य मामले में बरेली जनपद की एंटी करप्शन टीम ने चकबंदी विभाग के कानूनगो को 10 हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इस मामले में शिकायतकर्ता राजीव पुत्र मनवीर ने शिकायत की थी कि जमीन की नाप को लेकर चकबंदी विभाग के कानूनगो कमल सुधीर शुक्ला पुत्र स्व. विष्णु नारायण शुक्ला ने 10 हजार रूपए की रिश्वत मांगी है।
एंटी करप्शन टीम ने निरीक्षक जितेन्द्र सिंह के नेतृत्व में जाल बिछाकर कानूनगो कमल सुधीर शुक्ला को 10 हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। बता दें कि 57 वर्षीय कानूनगो कमल सुधीर शुक्ला की नियुक्ति 1998 में लेखपाल के पद पर हुई थी और 2024 में प्रमोशन पाकर वो कानूनगो बने थे। एंटी करप्शन टीम ने थाना कोतवाली बरेली में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।
एक अन्य मामले में भ्रष्टाचार निवारण संगठन देवीपाटन मंडल गोंडा ने ग्राम्य विकास अधिकारी उमेश कुमार भारती पुत्र देवनाथ राम को खंड विकास अधिकारी, बभनजोत कार्यालय से 10 हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
शिकायतकर्ता मो. अजमल पुत्र मो. अख्तर ने शिकायत की थी कि जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में रिपोर्ट लगाने हेतु ग्राम्य विकास अधिकारी उमेश कुमार भारती ने 10 हजार रूपए की रिश्वत मांगी।
एंटी करप्शन टीम ने निरीक्षक धनंजय कुमार सिंह के नेतृत्व में जाल बिछाकर उमेश कुमार भारती ने 10 हजार रूपए की रिश्वत रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एंटी करप्शन टीम ने थाना कोतवाली मनकापुर, गोंडा में मुकदमा दर्ज करवाकर कार्यवाही अग्रसारित कर दी है।
उक्त घटनाओं से यह स्पष्ट है कि प्रदेश की योगी सरकार की भ्रष्टाचार को लेकर बहुत संवेनशील है और ताबड़तोड़ कार्यवाही कर रही है।

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