रायबरेली पुलिस का बड़ा खुलासा, साइबर ठगों तक फर्जी सिम पहुंचाने वाला गिरोह बेनकाब; दो आरोपी गिरफ्तार
उप्र की रायबरेली पुलिस ने साइबर अपराधियों तक फर्जी सिम कार्ड पहुंचाने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
रायबरेली से महताब खान की रिपोर्ट
रायबरेली/जनमत न्यूज़। उप्र की रायबरेली पुलिस ने साइबर अपराधियों तक फर्जी सिम कार्ड पहुंचाने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 404 सिम कार्ड, दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक कार्ड, सीएसपी पासबुक सहित नकदी बरामद की है।
रायबरेली के लालगंज थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर डलमऊ ओवरब्रिज के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान खीरों थाना क्षेत्र के बरवलिया मजरे टिकवामऊ निवासी नीरज सिंह तथा लालगंज थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर जाला निवासी आशीष के रूप में हुई है।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे गांव-गांव घूमकर सिम कार्ड बेचते थे। लोगों के अंगूठे का निशान लेकर उनके नाम पर एक से अधिक सिम कार्ड जारी करवा लेते थे।
एक सिम ग्राहक को देते थे, जबकि बाकी सिम 500 से 1000 रुपये प्रति सिम के हिसाब से साइबर ठगों को बेच देते थे। इन्हीं सिम कार्डों का इस्तेमाल साइबर ठगी की घटनाओं में किया जाता था।
पुलिस ने बताया कि पहले से दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही थी। जांच में नए तथ्य सामने आने पर बीएनएस की धारा 338 तथा दूरसंचार अधिनियम की धारा 42(3)(E) भी बढ़ाई गई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और साइबर अपराध पर प्रभावी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।


