औरैया: फर्जी लोन ऐप से ठगी करने वाला अन्तर्राज्यीय साइबर अपराधी गिरफ्तार, 19 सिम व दस्तावेज बरामद

साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए उप्र की औरैया पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी क्रम में साइबर थाना पुलिस टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है.

औरैया: फर्जी लोन ऐप से ठगी करने वाला अन्तर्राज्यीय साइबर अपराधी गिरफ्तार, 19 सिम व दस्तावेज बरामद
Published By- Diwaker Mishra

औरैया से अरुण वाजपेयी की रिपोर्ट

औरैया/जनमत न्यूज़। साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए उप्र की औरैया पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी क्रम में साइबर थाना पुलिस टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए फर्जी लोन ऐप के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक अन्तर्राज्यीय मास्टरमाइंड साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है।

आरोपी के कब्जे से नकदी, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड तथा आधार कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार बरामद 19 सिम कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबरों पर देश के विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी की 32 शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज हैं।

पुलिस ने बताया कि अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक, कानपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में साइबर अपराधियों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इसी अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक औरैया के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी बिधूना/साइबर के पर्यवेक्षण में साइबर थाना पुलिस टीम संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच एवं साइबर अपराध की रोकथाम के लिए दिबियापुर क्षेत्र में सक्रिय थी।

इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि फर्जी लोन ऐप के माध्यम से लोगों को ठगने वाला एक व्यक्ति थाना दिबियापुर क्षेत्र में मौजूद है।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कम्प्रेशर बंबा से फफूंद की ओर जाने वाले मार्ग के पास से आरोपी दीपक कुमार पाल उर्फ बन्टू पुत्र शिवकुमार पाल निवासी ग्राम पूर्वा इमलिया, थाना सहार, जनपद औरैया (उम्र लगभग 25 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 1,840 रुपये नकद, 5 मोबाइल फोन, 19 सिम कार्ड, 3 आधार कार्ड तथा 2 डेबिट/एटीएम कार्ड बरामद किए। बरामदगी और पूछताछ के आधार पर आरोपी के विरुद्ध थाना साइबर क्राइम में मु.अ.सं. 17/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 317(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(D), 67 एवं 67(A) में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन देकर बनाता था शिकार

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर "जीरो सिविल स्कोर", "बिना दस्तावेज तत्काल लोन" जैसे आकर्षक विज्ञापन चलाकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। इच्छुक लोगों को एक अनजान वेबसाइट का लिंक भेजकर Re-Pay App नाम की एपीके (APK) फाइल डाउनलोड करवाई जाती थी।

जैसे ही पीड़ित इस ऐप को अपने मोबाइल में इंस्टॉल करता था, ऐप उसके मोबाइल से कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो गैलरी, लोकेशन और एसएमएस सहित कई महत्वपूर्ण जानकारियों की अनुमति लेकर पूरा निजी डेटा अपने सर्वर पर अपलोड कर लेता था।

छोटी रकम देकर कई गुना वसूलते थे पैसे

पुलिस के अनुसार आरोपी पहले पीड़ित के बैंक खाते में 2,000 से 5,000 रुपये तक की छोटी राशि भेजता था, लेकिन प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पहले ही बड़ी कटौती कर ली जाती थी।

इसके बाद मात्र सात दिनों के भीतर कई गुना अधिक राशि ब्याज सहित वापस करने का दबाव बनाया जाता था। यदि पीड़ित समय पर भुगतान नहीं करता था या भुगतान करने के बाद भी विरोध करता था तो उसके मोबाइल में मौजूद संपर्कों पर फोन कर उसे बदनाम किया जाता था।

इतना ही नहीं, आरोपी और उसके साथी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से पीड़ित की तस्वीरों की अश्लील मॉर्फिंग कर उन्हें वायरल करने की धमकी देते थे। मानसिक दबाव और सामाजिक बदनामी के डर से कई लोग बार-बार पैसे देने को मजबूर हो जाते थे।

देशभर में दर्ज हैं शिकायतें

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी से बरामद 19 सिम कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबरों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर देश के विभिन्न राज्यों से 32 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं।

पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क, उसके अन्य साथियों तथा पूरे गिरोह की गतिविधियों की गहन जांच कर रही है। आरोपी का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।

पुलिस ने जनता से की महत्वपूर्ण अपील

औरैया पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक या .APK फाइल के माध्यम से कोई ऐप डाउनलोड न करें। अपना ओटीपी, बैंक पिन, डेबिट/क्रेडिट कार्ड की जानकारी या अन्य व्यक्तिगत विवरण किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें।

यदि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार हों तो गोल्डन ऑवर के भीतर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। यदि ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने में कठिनाई हो तो निकटतम थाने की साइबर हेल्पडेस्क से संपर्क कर तत्काल सहायता प्राप्त करें।