महिला संगठनों का जन आक्रोश सम्मेलन, नारी अधिकारों को लेकर सरकार-विपक्ष पर तीखे बयान

आज की नारी मां पीताम्बरा से प्रार्थना करती है कि महिला विरोधी सोच का अंत हो और सभी को सद्बुद्धि मिले।

महिला संगठनों का जन आक्रोश सम्मेलन, नारी अधिकारों को लेकर सरकार-विपक्ष पर तीखे बयान
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

हरदोई से सुनील कुमार की रिपोर्ट —

हरदोई / जनमत न्यूज। हरदोई के रसखान प्रेक्षागृह में विभिन्न महिला संगठनों के तत्वावधान में जन आक्रोश सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने भाग लिया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली और नारी अधिकारों को लेकर जोरदार आवाज उठाई गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि देश इस समय शक्ति स्वरूपा मां पीताम्बरा के प्राकट्य उत्सव में आस्था के साथ जुड़ा है, लेकिन इसके बावजूद महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, जो नारी सम्मान पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का यह संघर्ष विपक्ष की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है, जो धर्म और जाति के नाम पर वोटबैंक की राजनीति कर रहा है।

मंत्री ने कहा कि आज की नारी मां पीताम्बरा से प्रार्थना करती है कि महिला विरोधी सोच का अंत हो और सभी को सद्बुद्धि मिले। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को समय की मांग बताते हुए कहा कि देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने के लिए इसका पूर्ण समर्थन आवश्यक है।

उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जब संसद में महिला सशक्तिकरण से जुड़े इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा हुई, तब कई दलों ने इसका समर्थन नहीं किया, जिससे उनकी मंशा स्पष्ट हो गई। उन्होंने कहा कि 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं का संवैधानिक अधिकार है और इसे विभिन्न तर्कों में उलझाना उचित नहीं है।

सम्मेलन के बाद मंत्री रजनी तिवारी के नेतृत्व में महिलाओं ने रसखान प्रेक्षागृह से आंबेडकर पार्क तक विरोध मार्च निकाला। आंबेडकर पार्क पहुंचकर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और उनके महिला अधिकारों के योगदान को याद किया गया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब ने महिलाओं के अधिकारों को समाज की प्रगति का आधार माना था और आज समय की मांग है कि महिला आरक्षण को पूरी तरह लागू कर महिलाओं को उनका हक दिया जाए।