मिशन 250 के तहत 50 गांवों के कुओं को किया जाएगा पुनर्जीवित: उप जिलाधिकारी उरई
भीषण गर्मी के चलते लगातार घटते भूजल स्तर को बचाने के लिए अपना अस्तित्व खो रहे कुओं को पुनर्जीवित करने की पहल उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह द्वारा की जा रही है.
उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट
उरई/जनमत न्यूज़। भीषण गर्मी के चलते लगातार घटते भूजल स्तर को बचाने के लिए अपना अस्तित्व खो रहे कुओं को पुनर्जीवित करने की पहल उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह द्वारा की जा रही है, जिसमें 50 गांवों के कुओं को चिन्हित कराकर उन्हें मनरेगा से बहाली की शुरुवात की जाएगी।
यह कार्य उरई तहसील में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 'मिशन 250' अभियान के तहत शुरुआत होगी। उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में 50 गाँव को चिन्हित कर डीसी मनरेगा को पुनर्जीवन हेतु पत्रचार किया गया।
उन्होंने यह भी बताया कि शामिल गांव में बड़ागांव, बढेरा, मुहम्मदा बाद, कैथेरी, भुआ, कपासी, इमिलिया, सोमई, गिरथान, पचोखरा आदि है। उन्होंने बताया कि गांवों में आज भी कुए का बहुत महत्व है इससे ग्रामीणों के साथ मवेशियों की भी प्यास बुझती है।
साथ ही उन्होंने कहा कि आबादी क्षेत्र में स्थिति कुछ कुंआ को वर्षा जल पुनर्भरण संरचना बनाने हेतु बीडीओ डाकोर एवं डीसी मनरेगा को निर्देश दिया गया ताकि बारिश के दौरान जलभराव जैसी स्थिति से निजात मिले । साथ ही बारिश के जल को संरक्षित कर भूजल स्तर की बढ़ोत्तरी की जा सके।
उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह ने बताया कि बुंदेलखंड का अधिकांश भाग में पानी की कमी साफ देखी जा सकती ही अधिक गर्मी से भूगर्भ जलस्तर काफी नीचे चला जाता है इस कारण पानी की किल्लत साफ दिखाई देती है।
कुओं को पुनर्जीवित करने से गांव में पानी की समस्या काफी कम हो जाएगी इसके लिए शासन से धनराशि भी विभागों को दी जाती है कार्ययोजना बनाकर जल्द उपायुक्त मनरेगा को सौंपी जाएगी जिससे कार्य शीर्ष प्रारंभ हो सके ।

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