दिल्ली ब्लास्ट को 'आतंकियों का जलवा' कह गए कांग्रेस नेता, निशाना साध रहे थे मोदी सरकार पर
दिल्ली ब्लास्ट पर कांग्रेस नेता उदित राज ने आतंकियों की गतिविधियों को ‘जलवा’ कहा। लाल किले के पास हुए धमाके में 15 की मौत। बयान पर बढ़ा राजनीतिक विवाद।
नई दिल्ली/जनमत न्यूज़:- दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके को लेकर कांग्रेस नेता उदित राज एक बार फिर अपने बयान की वजह से सुर्खियों में आ गए हैं। उदित राज ने आतंकवादी हमलों को दहशतगर्दों का ‘जलवा’ कहकर संबोधित किया, जिसके बाद उनका यह बयान तेजी से विवादों में आ गया है। उन्होंने मोदी सरकार की आतंकवाद पर नीतियों पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि जब भी सरकार आतंकवाद के खात्मे की बात करती है, तब आतंकवादी किसी न किसी हमले के जरिए अपना अस्तित्व दिखा देते हैं।
लाल किले के पास धमाका, 15 की मौत
10 नवंबर की शाम लाल किले के पास खड़ी एक i20 कार में जोरदार धमाका हुआ था। इस हमले में हमलावर समेत 15 लोगों की मौत हुई, जबकि करीब 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। जांच में सामने आया कि इस हमले को डॉक्टरों के एक आतंकी मॉड्यूल ने अंजाम दिया था।
जम्मू-कश्मीर के रहने वाले डॉक्टर-आतंकी उमर नबी ने इस फिदायीन हमले को अंजाम दिया।
उमर अब्दुल्ला के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया विवादित वक्तव्य
जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उदित राज ने कहा: “जब भी कहा जाता है कि आतंकवाद दफन हो चुका है, तब-तब आतंकवादी अपना कुछ जलवा दिखा देते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने बार-बार दावा किया है कि कश्मीर और देश में आतंकवाद खत्म हो चुका है, जबकि हाल की घटनाएँ इन दावों को गलत साबित करती हैं।
बयान बदलकर खुद को संभालने की कोशिश
‘जलवा’ शब्द पर विवाद बढ़ता देख उदित राज ने तुरंत खुद को संभालते हुए कहा कि उनका आशय यह था कि आतंकवादी कोई न कोई गतिविधि करके सरकार के दावों को चुनौती देते रहते हैं।
उदित राज ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले कहा था कि जम्मू-कश्मीर के बाहर देश में कोई बड़ा आतंकी हमला नहीं हुआ, लेकिन इसी के बाद लाल किले में धमाका हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले भी कश्मीर में आतंकी गतिविधियों पर काबू के दावों के बीच पहलगाम में हमला किया गया था।
राजनीतिक गलियारों में तेज हुई हलचल
कांग्रेस नेता के इस बयान को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कई नेताओं ने उदित राज के ‘जलवा’ शब्द के इस्तेमाल को गैर-ज़िम्मेदाराना बताया है, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि बयान उनके राजनीतिक विरोध का हिस्सा है।


