बंगाल में रामभक्ति का महासंकेत: अयोध्या की पावन मिट्टी से नदिया में बनेगा भव्य राम मंदिर
यह मंदिर पश्चिम बंगाल के नदिया जिला अंतर्गत शांतिपुर क्षेत्र के चपातला गांव में 15 बीघा से अधिक भूमि पर आकार लेगा। प्रस्तावित स्थल मुर्शिदाबाद से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बताया जा रहा है।
अयोध्या से आजम खान की रिपोर्ट —
अयोध्या/जनमत न्यूज। रामभक्ति की अलौकिक ज्योति अब गंगा के मैदानों से आगे बढ़कर पश्चिम बंगाल की धरती पर नई आध्यात्मिक आभा बिखेरने जा रही है। अयोध्या से लाई गई पावन मिट्टी से पश्चिम बंगाल में एक भव्य राम मंदिर की स्थापना की तैयारी प्रारंभ हो गई है।
यह मंदिर पश्चिम बंगाल के नदिया जिला अंतर्गत शांतिपुर क्षेत्र के चपातला गांव में 15 बीघा से अधिक भूमि पर आकार लेगा। प्रस्तावित स्थल मुर्शिदाबाद से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बताया जा रहा है।
इस ऐतिहासिक पहल के सूत्रधार पूर्व विधायक अरविंद भट्टाचार्य हैं, जो हाल ही में अयोध्या पहुंचे और श्रीराम जन्मभूमि से पवित्र मिट्टी ग्रहण की। उन्होंने बताया कि यही मिट्टी चपातला ले जाकर श्रद्धालुओं के सहयोग से रामलला की स्थापना में उपयोग की जाएगी। उनका कहना है कि इससे अयोध्या और बंगाल के बीच आस्था का एक सशक्त सेतु स्थापित होगा।
पूर्व विधायक ने अपने ट्रस्ट के सदस्य गोपाल राव से भी मुलाकात कर मंदिर निर्माण की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की। प्रस्तावित मंदिर को केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि भक्ति, संस्कृति और सनातन मूल्यों के जीवंत केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
समर्थकों का मानना है कि अयोध्या की पावन मिट्टी से स्थापित होने वाला यह मंदिर बंगाल में सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई शुरुआत करेगा। उनका विश्वास है कि यहां श्रद्धा, शांति और सद्भाव की त्रिवेणी निरंतर प्रवाहित होगी।
गौरतलब है कि हाल के समय में बंगाल की राजनीति और समाज में धार्मिक विषयों को लेकर चर्चा तेज रही है। ऐसे में मुर्शिदाबाद से समीपवर्ती क्षेत्र में भव्य राम मंदिर निर्माण की पहल को सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब स्थानीय स्तर पर भूमि विकास, ट्रस्ट संरचना और निर्माण कार्य की औपचारिक प्रक्रियाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं। श्रद्धालुओं में इस परियोजना को लेकर उत्साह का माहौल है।

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