उरई में गेहूं खरीद में कोई बाधा नहीं, जनपद में 1 लाख 83 हजार बोरी उपलब्ध

उप्र के उरई के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने अपने कैंप कार्यालय से जनपद में संचालित गेहूं क्रय केंद्रों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि किसी भी केंद्र पर वारदाना (बोरी) की कमी नहीं होनी चाहिए। 

उरई में गेहूं खरीद में कोई बाधा नहीं, जनपद में 1 लाख 83 हजार बोरी उपलब्ध
Published By- Diwaker Mishra

उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट

उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के उरई के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने अपने कैंप कार्यालय से जनपद में संचालित गेहूं क्रय केंद्रों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि किसी भी केंद्र पर वारदाना (बोरी) की कमी नहीं होनी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि जनपद में वर्तमान में 1 लाख 83 हजार वारदाना उपलब्ध हैं, जिससे खरीद कार्य निर्बाध रूप से संचालित है। समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि उपलब्ध वारदाना में मार्केटिंग, पीसीएफ, पीसीयू, एफसीआई एजंसियों के पास पर्याप्त भंडारण है, जिससे किसानों से गेहूं खरीद में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और खरीद प्रक्रिया पूरी तरह सुव्यवस्थित, समयबद्ध एवं पारदर्शी होनी चाहिए।

उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के क्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर वारदाना की उपलब्धता, गेहूं उठान की स्थिति तथा किसानों के लिए छाया, पेयजल एवं बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध जवाबदेही तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने रामपुरा स्थित केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक तौल एवं पंजीकरण यंत्र को तत्काल अद्यतन कराने के निर्देश दिए, ताकि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए और किसानों को प्रतीक्षा न करनी पड़े।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि गेहूं खरीद केवल खसरा देखकर न की जाए, बल्कि प्रत्येक किसान की किसान पंजीकरण पहचान संख्या के आधार पर शत-प्रतिशत सत्यापन कर ही खरीद सुनिश्चित की जाए। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और वास्तविक किसानों को ही योजना का लाभ मिलेगा।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप गेहूं खरीद कार्य को संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ संपादित करें, ताकि किसानों को बिना किसी असुविधा के समय पर भुगतान एवं सुविधा प्राप्त हो सके।

वहीं दूसरी ओर पत्रकार की खोज में यह मालूम हुआ कि जिले में समस्त कोटेदारों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक दुकानदार 100 से 200 बोरी खाद्य विपणन अधिकारी के गोदाम में पहुंचाए जिसका न्यूनतम भुगतान दुकानदार को मिलेगा यदि उपलब्धता वारदाना की है तो कोटेदार का वारदाना क्यों लिया जा रहा है ।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संजय कुमार खाद्य विपणन अधिकारी गोविंद उपाध्याय आदि सहित अधिकारी मौजूद रहे।