रायबरेली जिला कारागार में कैदी की संदिग्ध मौत, परिजनों ने जेल प्रशासन व पुलिस पर गंभीर लगाए आरोप
रायबरेली जिला कारागार से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बाइक चोरी के आरोप में बंद एक कैदी की जेल के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
रायबरेली से महताब खान की रिपोर्ट
रायबरेली/जनमत न्यूज़। उप्र के रायबरेली जिला कारागार से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बाइक चोरी के आरोप में बंद एक कैदी की जेल के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मृतक की पहचान उमाशंकर के रूप में हुई है, जो करीब एक माह से रायबरेली जिला कारागार में बंद था। परिजनों का आरोप है कि उमाशंकर को पुलिस ने बाइक चोरी के एक फर्जी मामले में जेल भेजा था। बताया जा रहा है कि राजघाट चौकी इंचार्ज भगत सिंह द्वारा उसे जेल भेजा गया था।
परिजनों का कहना है कि उमाशंकर की तबीयत खराब थी, लेकिन जेल प्रशासन ने न तो बीमारी की जानकारी दी और न ही उसकी मौत की कोई सूचना समय पर दी गई। मृतक के भाई कन्हैया लाल ने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन की लापरवाही के चलते यह मौत हुई है। मृतक के सहयोगियों के मुताबिक, उमाशंकर को जेल से छुड़ाने के लिए करीब 80 हजार रुपये तक खर्च किए गए थे। आज शुक्रवार को ही उसकी जमानत होनी थी।
मृतक के सहयोगी नीरज सोनकर ने बताया कि गुरुवार को भी जमानत हो सकती थी, लेकिन एक जमानतदार कम होने के कारण जमानत नहीं हो सकी। परिजनों ने कोतवाली नगर पुलिस पर भी आरोप लगाया है कि फर्जी ‘गुड वर्क’ दिखाने के चक्कर में एक निर्दोष व्यक्ति को जेल भेज दिया गया, जिसकी कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
मृतक उमाशंकर कोतवाली नगर क्षेत्र के दरीबा के पास का रहने वाला था, जबकि उसका मूल निवास अहमदपुर थाना गुरबक्शगंज बताया जा रहा है। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और वे मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस और जेल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।

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