जम्मू-कश्मीर हादसे में अलीगढ़ का जवान  हुआ शहीद, 

भारतीय सेना का जवान मोनू चौधरी शहीद हो गए. जवान मोनू चौधरी की शहादत की खबर मिलते ही गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. शनिवार को भारतीय सेना के जवान शहीद जवान के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर सेना की गाड़ी के साथ गांव पहुंचते उससे पहले ही पीड़ित परिजनों समेत लोगों का जमावड़ा शहीद के पार्थिव शरीर को देखने के लिए उमड पड़ा. बेटे के पार्थिव शरीर को देखते ही परिवार के लोग दहाड़े मार मार कर आंखों में आंसू लिए जोर-जोर से रोने लगे. इस मंजर को देख मौके पर मौजूद लोग भी अपनी आंखों से निकल रहे आंसुओं को रोक ना सके.शहीद का पार्थिव शरीर उसके घर गांव लाया गया. जहां सैन्य सम्मान के साथ शहीद जवान का श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया.

जम्मू-कश्मीर हादसे में अलीगढ़ का जवान  हुआ शहीद, 
REPORT- AJAY KUMAR... Published By - ANKUSH PAL

 अलीगढ़ (जनमत) :- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से है. जहां जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में ड्यूटी के दौरान सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में थाना जवा क्षेत्र के गांव दाऊपुर निवासी भारतीय सेना का जवान मोनू चौधरी शहीद हो गए. जवान मोनू चौधरी की शहादत की खबर मिलते ही गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. शनिवार को भारतीय सेना के जवान शहीद जवान के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर सेना की गाड़ी के साथ गांव पहुंचते उससे पहले ही पीड़ित परिजनों समेत लोगों का जमावड़ा शहीद के पार्थिव शरीर को देखने के लिए उमड पड़ा. बेटे के पार्थिव शरीर को देखते ही परिवार के लोग दहाड़े मार मार कर आंखों में आंसू लिए जोर-जोर से रोने लगे. इस मंजर को देख मौके पर मौजूद लोग भी अपनी आंखों से निकल रहे आंसुओं को रोक ना सके.शहीद का पार्थिव शरीर उसके घर गांव लाया गया. जहां सैन्य सम्मान के साथ शहीद जवान का श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया.


बताया जा रहा है कि जम्मू कश्मीर के डोडा जिले की 9,000 फीट ऊंचे खन्नीटॉप में मौसम खराब होने से सेना का वाहन दो सौ फीट गहरी खाई में गिर गया था. जिसमें 10 जवानों का बलिदान हों गए है. जिस दर्दनाक हादसे में 11 घायल हुए. जिनमें से 10 घायलों को एयरलिफ्ट कर ऊधमपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया.जहाँ जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सेना के वाहन के 200 फीट गहरी खाई में गिरने से 10 बलिदानी जवानों में अलीगढ़ जिले के थाना जवां क्षेत्र के गांव दाऊपुर निवासी 24 वर्षीय मोनू चौधरी भी शामिल थे. सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जवान मोनू चौधरी के बलिदान की खबर से गांव में मातम पसर गया.जम्मू-कश्मीर के डोडा में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए अलीगढ़ के जवान मोनू का पार्थिव शरीर शनिवार को जब जवां थाना क्षेत्र के गांव दाऊपुर पहुंचा. तो पूरा गांव गम में डूब गया. तिरंगे में लिपटा शहीद का शव जैसे ही घर के दरवाजे पर पहुंचा. तो गांव वालों का सब्र एक पल में टूट गया.मां, पत्नी,भाई और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल दिल दहला देने वाला हो गया और वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं.

शहीद के अंतिम दर्शन के लिए गांव में सुबह से ही लोगों का जमावड़ा लगा रहा. जैसे ही सेना के जवान शनिवार को शहीद के पार्थिव शरीर को लेकर गांव पहुंचे. तो महिलाओं की करुण चीत्कार गूंज उठी. मां बेटे का नाम पुकारते हुए बार-बार बेसुध हो रही थीं. वहीं पत्नी तिरंगे से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़ी. मासूम बेटी की आंखों में अपने पिता को खोने का असहनीय दर्द साफ झलक रहा था.

गांव दाऊपुर में हर गली में सन्नाटा और हर चेहरे पर गहरा दुख छाया रहा. ग्रामीणों ने बताया कि मोनू बचपन से ही देशभक्ति की भावना से भरा हुआ था. सेना में भर्ती होने के बाद वह गांव के युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करता था. उसकी शहादत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है.