मेरे खिलाफ आरोप राजनीतिक साजिश का हिस्सा, जमीन कब्जे का दावा पूरी तरह निराधार: विधायक राकेश यादव

उप्र के बलरामपुर जनपद के गैसड़ी विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक राकेश यादव ने प्रेस वार्ता में अपने ऊपर लगाए गए जमीन कब्जाने, संपत्ति छिपाने और विकास कार्यों का श्रेय लेने संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताया।

मेरे खिलाफ आरोप राजनीतिक साजिश का हिस्सा, जमीन कब्जे का दावा पूरी तरह निराधार: विधायक राकेश यादव
Published By- Diwaker Mishra

बलरामपुर से गुलाम नबी कुरैशी की रिपोर्ट

बलरामपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के बलरामपुर जनपद के गैसड़ी विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक राकेश यादव ने प्रेस वार्ता में अपने ऊपर लगाए गए जमीन कब्जाने, संपत्ति छिपाने और विकास कार्यों का श्रेय लेने संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताया।

विधायक ने कहा कि विपक्ष विकास के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय झूठे आरोपों के सहारे राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहा है। दरअसल, शनिवार को गैसड़ी के पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह 'शैलू' ने राकेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे।

उन्होंने दावा किया था कि विधायक और उनके परिवार की कई संपत्तियां विवादित या अवैध कब्जे वाली जमीन पर निर्मित हैं। साथ ही आरोप लगाया था कि विधानसभा चुनाव के दौरान संपत्तियों का पूरा विवरण शपथ पत्र में नहीं दिया गया।

इसी बीच बलरामपुर देहात क्षेत्र के धुसाह गांव की रहने वाली संघमित्रा गौतम ने भी विधायक पर उनकी जमीन पर कब्जा कर होटल निर्माण कराने का आरोप लगाया था।

इन आरोपों पर पहली बार विस्तार से प्रतिक्रिया देते हुए विधायक राकेश यादव ने कहा कि जिस जमीन को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उसकी कई बार राजस्व विभाग द्वारा पैमाइश कराई जा चुकी है।

उन्होंने दावा किया कि अब तक करीब 15 बार सीमांकन और पैमाइश हुई है और हर बार यही तथ्य सामने आया कि शिकायतकर्ता की जमीन उनके स्वामित्व वाली भूमि में नहीं आती।

प्रेस वार्ता में विधायक ने कहा, "संघमित्रा गौतम जिस जमीन की बात कर रही हैं, वह जमीन उन्होंने ओमप्रकाश शर्मा नामक व्यक्ति से खरीदी थी। उन्हें अपना हिस्सा उसी विक्रेता से लेना चाहिए।

कई बार पैमाइश हो चुकी है और कहीं भी उनकी जमीन हमारी जमीन में नहीं निकली है। हमारा नक्शा स्वीकृत है और होटल का निर्माण वैधानिक प्रक्रिया के तहत हुआ है।"

उन्होंने यह भी कहा कि यदि संघमित्रा गौतम को किसी प्रकार की वास्तविक समस्या है तो वह उनकी हरसंभव मदद करने को तैयार हैं। लेकिन तथ्यों के विपरीत आरोप लगाकर भ्रम फैलाना उचित नहीं है।

संपत्ति छिपाने के आरोपों पर विधायक ने कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग को जो शपथ पत्र दिया था, वह पूरी तरह सही और तथ्यात्मक है। उन्होंने कहा कि विधायक बने उन्हें दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। यदि आरोप लगाने वालों के पास कोई ठोस साक्ष्य है तो वे जांच एजेंसियों से जांच करा सकते हैं।

राकेश यादव ने कहा, "प्रदेश और केंद्र दोनों जगह भाजपा की सरकार है। उनके पास सीबीआई, ईडी समेत तमाम जांच एजेंसियां हैं। यदि कोई गड़बड़ी होती तो दो साल पहले ही सामने आ जाती। अब चुनावी और राजनीतिक कारणों से आरोप लगाए जा रहे हैं।"

विधायक ने आरोप लगाया कि विपक्ष जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण मांगों में शामिल चंदनपुर-पचपेड़वा-उतरौला संपर्क मार्ग वर्षों से लंबित है,

लेकिन इस दिशा में पूर्व जनप्रतिनिधियों ने गंभीर प्रयास नहीं किए। उनका कहना था कि यह मार्ग संगमनगरी प्रयागराज और अयोध्या धाम को जोड़ने की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि यदि पूर्व विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि समय रहते इस सड़क के लिए प्रभावी पैरवी करते और मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाते तो परियोजना काफी पहले स्वीकृत हो जाती। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया है, जिसमें नेता प्रतिपक्ष के भी शामिल होने की संभावना है।

प्रेस वार्ता के दौरान विधायक ने मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर विश्वविद्यालय को गोंडा में स्थापित करने की तैयारी थी, लेकिन उनके पिता और पूर्व विधायक स्वर्गीय डॉ. एसपी यादव ने स्थानीय नागरिकों और मीडिया के सहयोग से आंदोलन चलाया।

इसके बाद सरकार ने विश्वविद्यालय को बलरामपुर में स्थापित करने का निर्णय लिया। विकास कार्यों का श्रेय लेने के आरोपों पर भी विधायक ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विकास किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र का विषय है।

उन्होंने दावा किया कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में समाजवादी पार्टी और उनके परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि पिपरिया जमुनाही स्थित राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माण कार्य वर्षों तक रुका रहा था, लेकिन इस मुद्दे को विधानसभा में उठाए जाने के बाद निर्माण दोबारा शुरू हुआ और अब भवन तैयार हो चुका है।

इसी तरह स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भी लगातार प्रयास किए गए, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ।

राकेश यादव ने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में स्थापित हुए उद्योगों और राप्ती नदी पर बने पुल जैसी परियोजनाओं के पीछे भी समाजवादी पार्टी की सरकार और उनके परिवार के प्रयास रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल आरोप लगाने में व्यस्त है, जबकि जनता यह देख रही है कि किसने विकास कार्य कराए और किसने केवल वादे किए।

प्रेस वार्ता के अंत में विधायक ने दोहराया कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं और वह किसी भी निष्पक्ष जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच विकास और जनहित के मुद्दों को लेकर उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।