फर्रुखाबाद में धर्मशाला पर कब्जे की कोशिश का मामला: रंगदारी व जान से मारने की धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार

रोहित गुप्ता ने तहसीलदार सदर के सीयूजी और व्यक्तिगत मोबाइल नंबर पर स्वयं को उपमुख्यमंत्री बताकर फोन किया और दुकान आवंटित करने की धमकी दी।

फर्रुखाबाद में धर्मशाला पर कब्जे की कोशिश का मामला: रंगदारी व जान से मारने की धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

फर्रुखाबाद से वरूण दूबे की रिपोर्ट —

फर्रुखाबाद/जनमत न्यूज। शहर की लक्ष्मी नारायण धर्मशाला से जुड़े एक गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जा, रंगदारी और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पीड़ित द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी के खिलाफ सख्त कदम उठाया है।

लक्ष्मी नारायण धर्मशाला के सचिव सुनील कुमार अग्रवाल निवासी नुनहाई ने थाना पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह धर्मशाला के सचिव पद पर कार्यरत हैं, जबकि इसके अध्यक्ष पद पर तहसीलदार सदर हैं। उन्होंने बताया कि उक्त संपत्ति पूर्व में संजीव पारिया के नाम कुर्क की गई थी, जिसे बाद में जिलाधिकारी के आदेश से तहसीलदार सदर एवं अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका फर्रुखाबाद के पक्ष में मुक्त कर दिया गया था।

आरोप है कि रोहित गुप्ता पुत्र भानु प्रताप गुप्ता, निवासी मदारवाड़ी, धर्मशाला की दुकानों पर अवैध कब्जा करने की नीयत से लगातार गाली-गलौज करता था और जान से मारने की धमकी देता था। पीड़ित के अनुसार आरोपी स्वयं को फर्जी अधिकारी बताकर जबरन रुपये की मांग करता रहा। उसके साथ कुछ अज्ञात व्यक्ति भी मौजूद रहते थे, जिनकी पहचान जांच के दौरान की जा सकेगी।

सुनील अग्रवाल ने बताया कि आरोपी ने भय और दबाव बनाकर पहले 10 हजार रुपये और बाद में 1 हजार रुपये और वसूल लिए तथा लगातार और रुपये की मांग करता रहा। आरोप है कि रोहित गुप्ता ने तहसीलदार सदर के सीयूजी और व्यक्तिगत मोबाइल नंबर पर स्वयं को उपमुख्यमंत्री बताकर फोन किया और दुकान आवंटित करने की धमकी दी। ऐसा न करने पर ताले तोड़कर जबरन कब्जा करने की बात कही गई।

इतना ही नहीं, आरोपी ने पीड़ित और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि यदि दुकान या रुपये नहीं दिए गए तो हत्या कर दी जाएगी और धर्मशाला पर कब्जा कर लिया जाएगा। लगातार मिल रही धमकियों से भयभीत होकर सुनील अग्रवाल ने पुलिस से शिकायत की।

मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी रोहित गुप्ता को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।