नेपाल की तरह पाकिस्तान में Gen Z के विरोध का खतरा! एक लेख से हिल गई शहबाज सरकार

पाकिस्तान में भड़कने वाली विरोध की आग को सेना जबरन शांत करवा देती है। मगर, इस बार पड़ोसी मुल्क में जेन-जी का गुस्सा भड़कने लगा है।

नेपाल की तरह पाकिस्तान में Gen Z के विरोध का खतरा! एक लेख से हिल गई शहबाज सरकार
Published By- Diwaker Mishra

इस्लामाबाद/जनमत न्यूज़। पाकिस्तान में भड़कने वाली विरोध की आग को सेना जबरन शांत करवा देती है। मगर, इस बार पड़ोसी मुल्क में जेन-जी का गुस्सा भड़कने लगा है। इसकी वजह है अमेरिका में छपा एक लेख, जिसे बाद में डिलीट करवा दिया गया। ये लेख पाकिस्तान के ही एक छात्र का था, जिसने बरसों से दबी जेन-जी की चिंगारी को हवा दे दी है।

अमेरिका में पीएचडी करने वाले पाकिस्तानी छात्र जोरैन निजामानी ने पाकिस्तानी अखबरा 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' में 1 जनवरी 'सबकुछ खत्म हुआ' टाइटल से एक लेख छपवाया था। पाक सेना के दबाव से इस लेख को हटवा दिया गया।

जोरैन के लेख पर पाकिस्तान में मचा हंगामा

जोरैन निजामानी अमेरिका के अरकंसास विश्वविद्यालय से क्रिमिनोलॉजी में पीएचडी कर रहे हैं। अपने लेख में उन्होंने लिखा, "पाकिस्तान में जो भी उम्रदराज लोग सत्ता में हैं, उनका खेल खत्म हो चुका है। युवा पीढ़ी आपके झांसे में नहीं आ रही है। आप स्कूल और कॉलेजों में कितने भी सेमिनार कर लें, लेकिन आप युवाओं में देशभक्ति की भावना नहीं जगा सकते हैं।"

निजामानी के अनुसार समान अवसर, मजबूत बुनियादी ढांचा और कुशल तंत्र होने पर देशभक्ति अपने आप आ जाती है। जब आप अपने लोगों की बुनियादी सुविधाओं का ध्यान रखेंगे, लोगों के अधिकार सुनिश्चित करेंगे, तो आपको स्कूल-कॉलेज में जाकर स्टूडेंट्स को बताना नहीं पड़ेगा कि आप अपने देश से प्यार करें।

जोरैन ने पाक सेना पर साधा निशाना

पाकिस्तानी सेना पर निशाना साधते हुए जोरैन ने कहा, "युवाओं को अच्छी तरह से पता है कि वो सत्ता में बैठे लोगों को चुनौती नहीं दे सकते हैं। इसलिए वो बिना कुछ बोले चुपचाप देश छोड़कर बाहर निकल जाते हैं और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखते हैं। मेरे कई दोस्तों ने आवाज उठाने की कोशिश, लेकिन उन्हें शांत करवा दिया गया।"

PTI ने उठाए सवाल

जैरेन के इस लेख को डिलीट करवा दिया गया, जिसे लेकर पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने भी सवाल उठाए हैं।

पाक एक्टिविस्ट महलका समदानी ने भी तंज कसते हुए लिखा, "इसमें कोई हैरानी नहीं होगी कि ये आर्टिकल एक्प्रेस ट्रिब्यून के द्वारा हटा दिया जाए। जोरैन नहीं कह रहे हैं।"

पड़ोसी मुल्क में उठ रही विरोध की आवाज

पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री मूनिस इलाही ने लिखा, "नीति निर्माण करने वाली पीढ़ी के लिए एक रिएलिटी चेक।"

पाकिस्तान के वकील अब्दुल मोएज ने लिखा, "ये सचमुच शानदार लेख है, जो हर पाकिस्तानी युवा के दिल से निकलता है।"

पाकिस्तान मानवाधिकार ने भी लेख को हटाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा, "जोरैन निजामी का लेख हटाना इस बात का सबूत है कि पाकिस्तान में अभिव्यक्ति की आजादी खतरे में है।"