बहराइच: जलती कार में फंसी थीं जिंदगियां, मदरसे के शिक्षकों ने फरिश्ता बन बचाई कई लोगों की जान

उप्र के बहराइच के रुकनापुर इलाके में उस वक्त चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई, जब दो कारों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई।

बहराइच: जलती कार में फंसी थीं जिंदगियां, मदरसे के शिक्षकों ने फरिश्ता बन बचाई कई लोगों की जान
Published By- Diwaker Mishra

बहराइच से रिजवान खान की रिपोर्ट

बहराइच/जनमत न्यूज़। उप्र के बहराइच के रुकनापुर इलाके में उस वक्त चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई, जब दो कारों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई।

टक्कर इतनी भीषण थी कि एक कार में अचानक आग लग गई और देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी गाड़ी को घेर लिया। हादसे में आधा दर्जन लोग घायल हो गए।

मौके पर मौजूद लोग आग की भयावह लपटों को देखकर सहम गए, लेकिन इसी बीच मदरसे के शिक्षक हाफिज शहीदुद्दीन और हाफिज शफीउद्दीन ने बहादुरी और इंसानियत की मिसाल पेश कर दी।

दोनों शिक्षक बिना अपनी जान की परवाह किए स्थानीय लोगों के साथ जलती कार की ओर दौड़ पड़े और अंदर फंसे घायलों को बाहर निकालना शुरू कर दिया।

आग और धुएं के बीच जान जोखिम में डालकर दोनों शिक्षकों ने एक-एक कर घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने में भी मदद की गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने दोनों शिक्षकों की बहादुरी को सलाम किया।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में हाफिज शहीदुद्दीन और हाफिज शफीउद्दीन की बहादुरी और मानवता की चर्चा हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते दोनों शिक्षकों ने हिम्मत नहीं दिखाई होती, तो हादसा और भी भयावह हो सकता था। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है।