प्रधानाध्यापक के निलंबन पर बढ़ा विवाद, ग्रामीणों ने बहाली की उठाई मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि निर्दोष को न्याय मिल सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
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चंदौली से उमेश सिंह की रिपोर्ट —
चंदौली / जनमत न्यूज। जिले के चहनियां क्षेत्र स्थित रुपेठा कंपोजिट विद्यालय में प्रधानाध्यापक के निलंबन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले में ग्रामीणों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को पत्र भेजकर निलंबन को निराधार बताते हुए प्रधानाध्यापक की बहाली की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि निलंबित प्रधानाध्यापक सुनील कुमार कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक हैं और विद्यालय में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए हमेशा प्रेरित करते रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रधानाध्यापक को साजिशन फंसाया गया है।
ग्रामीणों ने दावा किया कि बालू-गिट्टी ढुलवाने के मामले में प्रधानाध्यापक का नाम गलत तरीके से जोड़ा गया, जबकि बच्चों से कार्य कराने का आरोप फूलचंद्र यादव पर है। साथ ही यह भी कहा गया कि वायरल वीडियो को भ्रामक तरीके से फैलाकर प्रधानाध्यापक की छवि खराब करने का प्रयास किया गया।
वहीं प्रधानाध्यापक की ओर से भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उनका कहना है कि संबंधित सहायक अध्यापक कक्षा में पढ़ाने के बजाय मोबाइल चलाने में व्यस्त रहते हैं और कई बार आंगनबाड़ी केंद्र में समय बिताते पाए गए हैं। उन्होंने विभाग को वीडियो साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात भी कही है।
मामले ने अब शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि निर्दोष को न्याय मिल सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीणों की नजर विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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