मूर्ति विसर्जन में तेज डीजे को लेकर विवाद, पूर्व विधायक और पुलिस आमने-सामने, वीडियो वायरल

प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने शांति व्यवस्था बनाए रखने और नियमों के पालन के तहत डीजे बंद कराने को कहा। इसी बीच पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्ल्यू अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे।

मूर्ति विसर्जन में तेज डीजे को लेकर विवाद, पूर्व विधायक और पुलिस आमने-सामने, वीडियो वायरल
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

चंदौली से उमेश सिंह की रिपोर्ट —

चंदौली/जनमत न्यूज। जिले के सैयदराजा थाना क्षेत्र में मूर्ति विसर्जन के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब प्रशासन ने तय मानकों से अधिक ध्वनि होने पर डीजे बंद कराने के निर्देश दिए। इस कार्रवाई का समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्ल्यू ने विरोध किया, जिसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई और पुलिस प्रशासन से उनकी तीखी नोक-झोंक हो गई।

जानकारी के अनुसार मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे की आवाज निर्धारित सीमा से काफी अधिक थी। मौके पर मौजूद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने शांति व्यवस्था बनाए रखने और नियमों के पालन के तहत डीजे बंद कराने को कहा। इसी बीच पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्ल्यू अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे।

विवाद के दौरान पूर्व विधायक द्वारा दिया गया एक आपत्तिजनक बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वह “दंगा करा देंगे।” इस बयान के जवाब में मौके पर मौजूद क्षेत्राधिकारी (सीओ) ने सख्त लहजे में कहा, “कर के देख लीजिए, समझा दूंगा।” दोनों के बीच हुई इस तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो के वायरल होते ही प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वायरल वीडियो और मौके पर मौजूद तथ्यों के आधार पर पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल प्रशासन के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और क्षेत्र में शांति बनी हुई है। हालांकि, पूर्व विधायक के बयान और वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य होना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।