शाहजहांपुर के सैन्य क्षेत्र में फर्जी ब्रिगेडियर गिरफ्तार, प्रशासन व सैन्य अधिकारियों में मचा हड़कंप; इंटेलिजेंस एजेंसियां सक्रिय

उप्र के शाहजहांपुर जनपद में उस समय हड़कंप मच गया जब एक फर्जी ब्रिगेडियर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। फर्जी ब्रिगेडियर बना युवक सैन्य क्षेत्र में घूमते मिला था।

शाहजहांपुर के सैन्य क्षेत्र में फर्जी ब्रिगेडियर गिरफ्तार, प्रशासन व सैन्य अधिकारियों में मचा हड़कंप; इंटेलिजेंस एजेंसियां सक्रिय
Published By- Diwaker Mishra

शाहजहांपुर से राजीव शुक्ला की रिपोर्ट

शाहजहांपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के शाहजहांपुर जनपद में उस समय हड़कंप मच गया जब एक फर्जी ब्रिगेडियर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। फर्जी ब्रिगेडियर बना युवक सैन्य क्षेत्र में घूमते मिला था।

घटनाक्रम के मुताबिक सैन्य क्षेत्र के शहीद संग्रहालय के पास वर्दी और स्टार देखकर पुलिस को शक हुआ। सेना की पूछताछ में पोल खुल गई। इसके बाद इंटेलिजेंस एजेंसियां भी सक्रिय हुईं।

शाहजहाँपुर में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े इस बेहद गंभीर मामले ने प्रशासन और सैन्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। शहर के अति संवेदनशील सैन्य क्षेत्र में सेना की वर्दी पहनकर स्वयं को ब्रिगेडियर बताने वाला एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा गया है।

प्रारंभिक पूछताछ में उसकी पहचान आर्यन वर्मा पुत्र अनिल कुमार वर्मा निवासी दुर्गा इंक्लेव, हथौड़ा बुजुर्ग के रूप में की गई है। सूत्रों के अनुसार युवक शहीद संग्रहालय परिसर में सेना की वर्दी पहनकर घूम रहा था।

उसके कंधों पर लगे स्टार और गतिविधियों को देखकर वहां मौजूद सैन्य अधिकारियों को संदेह हुआ। पूछताछ के दौरान युवक की बातों में विरोधाभास सामने आने पर उसे हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी गई।

छावनी परिषद शाहजहाँपुर के सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक माना जाता है। यहां छावनी परिषद, सैन्य अधिकारियों की कॉलोनियां, जिलाधिकारी आवास और पुलिस अधीक्षक आवास स्थित हैं। ऐसे में सेना की वर्दी पहनकर किसी व्यक्ति का स्वतंत्र रूप से घूमना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बरेली स्थित सैन्य इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों को भी सूचना दी गई है। बरेली से शाहजहाँपुर के लिए खुफिया एजेंसी के अधिकारी और अन्य विभागीय अधिकारी पहुँच रहे हैं।

उनसे पूछताछ और सत्यापन की प्रक्रिया में सहयोग लिया जा रहा है। वहीं प्रशासन का खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है, और युवक के पिछले रिकॉर्ड, संपर्कों तथा गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है। फ़िलहाल जांच पूरी होने तक अधिकारी चुप्पी साधे हुये हैं।

मामले पर सेना और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी फिलहाल सार्वजनिक टिप्पणी करने से बच रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है, और सभी तथ्यों की जानकारी होने के बाद ही आधिकारिक पुष्टि की जायेगी।