भाड़े पर गाड़ी लेकर निकले पिता-पुत्र की हत्या, 5 दिन बाद शामली के जंगल में मिले शव

फिलहाल हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस को आशंका है कि वारदात लूट या किसी पुरानी रंजिश के चलते अंजाम दी गई हो सकती है।

भाड़े पर गाड़ी लेकर निकले पिता-पुत्र की हत्या, 5 दिन बाद शामली के जंगल में मिले शव
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

संभल से रामब्रेस यादव की रिपोर्ट —

संभल/जनमत न्यूज। संभल जनपद के धनारी थाना क्षेत्र के भिरावटी गांव से 2 अप्रैल को भाड़े पर बोलेरो पिकअप लेकर निकले पिता-पुत्र की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दोनों के शव पांच दिन बाद शामली जनपद के जंगल में गन्ने के खेत से बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मामले में एक संदिग्ध आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार 2 अप्रैल को एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। कॉल करने वाले ने बताया कि मेरठ से मजदूरों को संभल लाना है और इसके लिए बोलेरो पिकअप की जरूरत है। इस पर पिता-पुत्र अपनी गाड़ी लेकर मेरठ के लिए रवाना हो गए।

परिजनों के मुताबिक रात करीब 10 बजे उनकी आखिरी बार बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने बताया कि वे गढ़ ब्रजघाट के पास हैं और गाड़ी में चार लोग बैठे हैं। इसके बाद रात करीब 12 बजे टोल प्लाजा पार करने के बाद उनकी आखिरी लोकेशन मिली और फिर दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए।

परिजनों ने लगातार पुलिस को सूचना दी, लेकिन चार दिनों तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। 6 अप्रैल को ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत अपर पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह से की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी ने तत्काल पुलिस टीमों का गठन किया।

सर्विलांस की मदद से पुलिस ने 24 घंटे के भीतर शामली जनपद के जंगल में एक गन्ने के खेत से पिता-पुत्र के शव बरामद कर लिए। पुलिस ने बदायूं जनपद के एक संदिग्ध आरोपी को हिरासत में लिया है और बोलेरो पिकअप भी बरामद कर ली गई है।

फिलहाल हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस को आशंका है कि वारदात लूट या किसी पुरानी रंजिश के चलते अंजाम दी गई हो सकती है। शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है और आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। मृतक के भाई दुर्जन ने बताया कि 2 अप्रैल को किसी व्यक्ति ने फोन कर उन्हें घर से बुलाया था। इसके बाद उनका फोन छीन लिया गया और पूरी घटना को अंजाम दिया गया। उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि मृतक के चार छोटे-छोटे बच्चे हैं।

वहीं ग्राम प्रधान सुनील यादव ने बताया कि दोनों 2 अप्रैल की शाम करीब 7:30 बजे घर से निकले थे और मेरठ मजदूर लेने जाने की बात कही थी। उन्होंने इस घटना को बेहद दर्दनाक बताते हुए मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था करने की मांग की है।

इस बीच सपा विधायक रामखिलाड़ी सिंह यादव ने पीड़ित परिवार को अपने कोष से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।