सहारनपुर में संविदा कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाए प्रभावित, आशाओं सहित 500 कर्मियों को नोटिस जारी

उप्र के सहारनपुर जनपद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मियों और आशाओं की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

सहारनपुर में संविदा कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाए प्रभावित, आशाओं सहित 500 कर्मियों को नोटिस जारी
Published By- Diwaker Mishra

सहारनपुर से अनिल वर्मा की रिपोर्ट 

सहारनपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के सहारनपुर जनपद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मियों और आशाओं की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आशा कर्मियों का धरना लगातार छठे दिन भी जारी है।

वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल और कार्य से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए नोटिस जारी किए हैं। इनमें आशा कर्मियों के साथ आरबीएसके के डॉक्टर, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO), एएनएम, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन और अन्य संविदा स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक करीब 500 कर्मचारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अर्बन खाताखेड़ी में कार्यरत आशाकर्मी ममता ने बताया कि उनकी प्रमुख मांग 26 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित करने और स्थायी सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की है।

उन्होंने कहा कि आशा कर्मी 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपलब्ध रहती हैं और उन्हें काम करने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन बेहद कम मानदेय में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।

ममता के मुताबिक, वर्तमान में मिलने वाले करीब दो हजार रुपये किराए में ही खर्च हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि आशाओं ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इसके बावजूद उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हो रही।

उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आशा कर्मी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर सकती हैं। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शेर सिंह कक्कड़ ने बताया कि आशा कर्मियों की मांगों से संबंधित ज्ञापन शासन को भेज दिया गया है और शासन स्तर पर इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से कार्य से अनुपस्थित कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। आशाओं के अलावा आरबीएसके डॉक्टरों, सीएचओ, एएनएम, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन और अन्य कर्मियों को भी नोटिस दिए गए हैं।

सीएमओ ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी काम पर नहीं लौटते हैं तो सरकारी नियमावली के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हड़ताल और धरने के चलते स्वास्थ्य विभाग के सामने सेवाओं को सुचारु बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है।