एटा में ‘ऑपरेशन श्वेत’ का असर: गौकशी से जुड़े अपराधियों पर रातभर छापेमारी, 38 हिरासत में
क्षेत्राधिकारी अलीगंज नीतीश गर्ग के नेतृत्व में 20 लोगों को पकड़ा और पूछताछ के लिए थाने लाया। पुलिस की ओर से बताया गया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा
एटा से नंद कुमार की रिपोर्ट —
एटा/जनमत न्यूज। गौकशी के मामलों में संलिप्त अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने जिले में विशेष अभियान छेड़ा है। ‘ऑपरेशन श्वेत’ के तहत जलेसर और अलीगंज थाना क्षेत्रों में पुलिस ने देर रात छापेमारी कर पुराने मामलों में चिन्हित 38 संदिग्धों को हिरासत में लिया और उनका सत्यापन किया।
अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडे के निर्देश पर यह अभियान पूरे जनपद में चलाया गया। पुलिस टीमों ने बीते दस वर्षों में गौकशी के मामलों में जेल जा चुके या सक्रिय रहे आरोपियों के घरों पर दबिश दी। उद्देश्य यह पता लगाना था कि ये लोग जेल से छूटने के बाद सामान्य जीवन जी रहे हैं या फिर किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल हैं। साथ ही पुलिस ने उनके जिले से बाहर जाने, जीवित-पता, गतिविधियों और सुधार की स्थिति की भी जांच की।
जलेसर थाना क्षेत्र में प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई की गई, जिसमें 18 आरोपियों को हिरासत में लेकर धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार किया गया। इनमें ग्राम मकसूदपुर, मोहल्ला सराय खानम और अन्य क्षेत्रों के निवासी शामिल हैं। इन सभी को सत्यापन के बाद माननीय एसडीएम कोर्ट जलेसर भेजा गया।
उधर, अलीगंज थाना पुलिस ने क्षेत्राधिकारी अलीगंज नीतीश गर्ग के नेतृत्व में 20 लोगों को पकड़ा और पूछताछ के लिए थाने लाया। पुलिस की ओर से बताया गया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि गौकशी जैसी गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
इस कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा श्याम नारायण सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक एटा तथा क्षेत्राधिकारी जलेसर ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा। अभियान के दौरान पुलिस ने संबंधित आरोपियों को स्पष्ट हिदायत दी कि भविष्य में किसी अवैध गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इकरार पुत्र इकराम, रशीद पुत्र मौसम, शकील पुत्र शान मोहम्मद, भूरे खां उर्फ भूरा पुत्र जान मोहम्मद, अरमान पुत्र छोटे खां, वकील पुत्र शहीद, इमरान उर्फ मुन्ना पुत्र बुन्दे अली, रहीश पुत्र अफसर, आमिर पुत्र हलीम, युनुस पुत्र हनीफ, जुल्फिकार पुत्र इखलाक, सज्जन पुत्र अच्छन, राशिद पुत्र अजरूद्धीन, जीशान पुत्र जमीर, दिलशाद पुत्र जहीर, राहुल पुत्र रामभरोसे, सुनील पुत्र रामभरोसे और पौपेन्द्र पुत्र रमेश चन्द्र सहित कुल 18 अभियुक्त।
प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में उपनिरीक्षक ब्रजमोहन सिंह, शशीशपाल सिंह, वीरेन्द्र सिंह, रामवीर सिंह, नदीम अहमद, ब्रहमप्रकाश सिंह, हेड कांस्टेबल विकास कुमार तथा कांस्टेबल अनुज कुमार, शेरपाल सिंह और आदेश कुमार शामिल रहे।

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