मुंशीगंज पुलिस व स्वाट टीम की बड़ी कार्रवाई, हजारो प्रतिबंधित कछुओं के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार

आरोपियों के कब्जे से करीब 30 लाख रुपये कीमत के 1203 प्रतिबंधित कछुए तथा कछुओं की बिक्री से प्राप्त 60 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बरामदगी के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

मुंशीगंज पुलिस व स्वाट टीम की बड़ी कार्रवाई, हजारो  प्रतिबंधित कछुओं के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

अमेठी से राम मिश्रा की रिपोर्ट — 

अमेठी/जनमत न्यूज। अमेठी जिले में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना मुंशीगंज पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 30 लाख रुपये कीमत के 1203 प्रतिबंधित कछुए तथा कछुओं की बिक्री से प्राप्त 60 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बरामदगी के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, थाना मुंशीगंज पुलिस टीम और प्रभारी स्वाट टीम उपनिरीक्षक अनूप कुमार सिंह अपनी टीम के साथ अमेठी–मुंशीगंज रोड पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुंशीगंज चौराहे की ओर से आ रही एक महिंद्रा मैक्स पिकअप को रोककर तलाशी ली गई। पिकअप पर सवार तीन व्यक्तियों से पूछताछ में पहले ने अपना नाम रमेश, दूसरे ने राजेश, दोनों निवासी ग्राम गांधीनगर मजरा पालपुर थाना जगदीशपुर जनपद अमेठी तथा तीसरे ने अपना नाम वीरेंद्र विक्रम निवासी थाना मल्हीपुर जनपद श्रावस्ती बताया।

संदेह होने पर जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो अभियुक्त रमेश ने बताया कि पिकअप में ऊपर की ओर केला लदा है और नीचे प्रतिबंधित कछुए छिपाकर रखे गए हैं, जिन्हें जगदीशपुर से लादकर बनारस बेचने ले जाया जा रहा था। तलाशी के दौरान पिकअप से कुल 1203 कछुए बरामद हुए। इसके अलावा अभियुक्त रमेश की जामा तलाशी से 60 हजार रुपये नकद मिले। पूछताछ में उसने बताया कि यह रकम कुछ कछुओं को रास्ते में राह चलते लोगों को बेचकर प्राप्त की गई है।

पुलिस ने जब वाहन के कागजात मांगे तो आरोपी कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ में अभियुक्तों ने यह भी स्वीकार किया कि वे तालाबों और नदियों से कछुए एकत्र कर उन्हें बड़े शहरों में ऊंचे दामों पर बेचते हैं, जहां इनकी अच्छी कीमत मिल जाती है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।