मुजफ्फरनगर: मां शाकुंभरी देवी जन्मोत्सव पर भक्ति और सेवा का संगम, भंडारे में गूंजे जयकारे

उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद में मां शाकुंभरी देवी के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धा और सेवा भाव का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

मुजफ्फरनगर: मां शाकुंभरी देवी जन्मोत्सव पर भक्ति और सेवा का संगम, भंडारे में गूंजे जयकारे
Published By- Diwaker Mishra

मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट

मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज़। उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद में मां शाकुंभरी देवी के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धा और सेवा भाव का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। इस शुभ अवसर पर भक्तों द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान जय मां शाकुंभरी देवीके जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

कार्यक्रम मां शाकुंभरी देवी की अनुयायी मां मनीषा देवी जी के सानिध्य में संपन्न हुआ। भंडारे में सामाजिक व धार्मिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे, जिनमें हरिओम शर्मा, पत्रकार मोहित कल्याणी, संजय कुमार सहित अन्य श्रद्धालु शामिल रहे।

मां शाकुंभरी देवी की महिमा और उपलब्धियां

धार्मिक ग्रंथों और लोकमान्यताओं के अनुसार मां शाकुंभरी देवी को अन्न, शाक और फल प्रदान करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि अकाल के समय मां ने धरती पर शाक-सब्जियों की उत्पत्ति कर मानव समाज को भूख से बचाया था। इसी कारण उन्हें लोक-कल्याण की देवी और अन्नपूर्णा स्वरूप भी माना जाता है।

कहा जाता है कि मां शाकुंभरी देवी की उपासना से जीवन में अन्न-धन की कमी दूर होती है, रोगों से मुक्ति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। भक्तों का विश्वास है कि मां की कृपा से कठिन से कठिन संकट भी टल जाते हैं।

जन्मोत्सव के अवसर पर भक्तों ने मां के चरणों में शीश नवाकर परिवार, समाज और राष्ट्र की खुशहाली की कामना की। आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि सेवा और सद्भाव का संदेश भी दिया।

आयोजकों ने बताया कि मां शाकुंभरी देवी की कृपा से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और भविष्य में भी ऐसे धार्मिक एवं जनकल्याणकारी आयोजन किए जाते रहेंगे।