मुजफ्फरनगर: फर्जी दस्तावेजों के सहारे पीआरडी भर्ती का आरोप, पीड़ित ने दी आत्महत्या की चेतावनी
उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद में पीआरडी विभाग की भर्ती को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है।
मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट
मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज़। उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद में पीआरडी विभाग की भर्ती को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। एक महिला पीआरडी जवान पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी प्राप्त करने का आरोप लगाते हुए पीड़ित पीआरडी जवान समंदर सिंह ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित महिला द्वारा प्रस्तुत किए गए आधार कार्ड, टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) और अन्य दस्तावेजों में जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज है, जिससे उसकी वास्तविक आयु संदिग्ध प्रतीत होती है।
प्रार्थी के अनुसार, प्रशिक्षण के समय भी उसकी आयु निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थी, इसके बावजूद उसे विभाग में शामिल कर लिया गया। प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि महिला द्वारा प्रस्तुत टीसी की जांच संबंधित विद्यालय से कराई गई, जहां स्कूल प्रशासन ने उसे अपनी छात्रा मानने से इनकार कर दिया।
इससे दस्तावेजों के फर्जी होने की आशंका और प्रबल हो गई है। मामले में विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से इस पूरे मामले को अंजाम दिया गया और ऑनलाइन पोर्टल पर गलत जानकारी दर्ज की गई।
पीड़ित ने दी आत्महत्या की चेतावनी
पीड़ित पीआरडी जवान समंदर सिंह का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो वह आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
इस मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करेगा। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई।

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