दरगाह शरीफ वक्फ नम्बर 19 की ठेका नीलामी पर विवाद, पारदर्शिता को लेकर उठे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अगर ठेका प्रक्रिया पूरी तरह नियमों और पारदर्शिता के तहत हो रही थी, तो फिर मीडिया को अंदर जाने से क्यों रोका गया।
बहराइच से रिजवान खान की रिपोर्ट —
बहराइच/जनमत न्यूज। जनपद बहराइच में स्थित दरगाह शरीफ के वक्फ नम्बर 19 में करोड़ों रुपये के ठेके की नीलामी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि पूरी नीलामी प्रक्रिया बेहद गुपचुप तरीके से कराई गई और मीडिया को कवरेज से दूर रखा गया।
सूत्रों के मुताबिक जब पत्रकार नीलामी प्रक्रिया की कवरेज करने पहुंचे तो उन्हें पुलिस द्वारा अंदर जाने से रोक दिया गया। इसके बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अगर ठेका प्रक्रिया पूरी तरह नियमों और पारदर्शिता के तहत हो रही थी, तो फिर मीडिया को अंदर जाने से क्यों रोका गया।
स्थानीय लोगों और पत्रकारों का कहना है कि वक्फ की संपत्ति जनता की आस्था से जुड़ी होती है, इसलिए किसी भी प्रकार की नीलामी खुली और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। लेकिन जिस तरह से यह प्रक्रिया बंद कमरे में कराई गई, उससे संदेह और गहरा गया है।
बताया जा रहा है कि नीलामी पूरी होने तक कई पत्रकार प्रबंध समिति अध्यक्ष के बाहर आने का इंतजार करते रहे। काफी देर बाद जब अध्यक्ष बाहर आए तो उन्होंने पत्रकारों के सवालों से बचने की कोशिश की और स्पष्ट जवाब देने के बजाय बिना प्रतिक्रिया दिए अपने वाहन से रवाना हो गए।
इस पूरे मामले को लेकर पत्रकारों और स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी बहराइच कार्यालय को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की है। जिलाधिकारी ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये के इस ठेके की नीलामी इतनी गोपनीयता के साथ क्यों कराई गई? क्या नीलामी प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता हुई है और पत्रकारों को रोकने के पीछे क्या वजह थी? फिलहाल पूरे मामले की जांच की मांग तेज हो गई है।

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