कुशीनगर में पुरानी रंजिश ने ली जान, धारदार हथियारों से हमले में अधिवक्ता के पुत्र उत्कर्ष सिंह की मौत, गांव में तनाव

धारदार हथियारों से हुए हमले में 44 वर्षीय उत्कर्ष सिंह की मौत हो गई, जबकि विपक्षी पक्ष के तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

कुशीनगर में पुरानी रंजिश ने ली जान, धारदार हथियारों से हमले में अधिवक्ता के पुत्र उत्कर्ष सिंह की मौत, गांव में तनाव
REPORTED BY - PRADEEP YADAV, PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

कुशीनगर/जनमत न्यूज। जिले के सेमरा हर्दो गांव में शुक्रवार देर शाम पुरानी रंजिश ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। धारदार हथियारों से हुए हमले में 44 वर्षीय उत्कर्ष सिंह की मौत हो गई, जबकि विपक्षी पक्ष के तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस अलर्ट पर है।

जानकारी के अनुसार, उत्कर्ष सिंह एक प्रतिष्ठित परिवार से थे। उनके पिता इंद्रजीत सिंह न्यायालय में अधिवक्ता और संघ के सह जिला संघ संचालक हैं, जबकि भाई विद्युत विभाग में सहायक अभियंता हैं। उत्कर्ष अपने पीछे पत्नी और 10 वर्षीय मासूम बेटी को छोड़ गए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पड़ोसियों से पुराना विवाद चल रहा था। शुक्रवार शाम दोनों पक्ष आमने-सामने आए। पहले गाली-गलौज हुई और देखते ही देखते मामला खूनी संघर्ष में बदल गया। लाठियां और धारदार हथियार चले, जिसमें उत्कर्ष गंभीर रूप से घायल हुए और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। वहीं, विपक्षी पक्ष के तीन लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए, जिनमें से एक को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।

एसपी कुशीनगर संतोष मिश्रा ने बताया कि घटना पुरानी रंजिश का नतीजा है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

वारदात की खबर मिलते ही राजनीति भी गरमा गई। विधायक मनीष मंटू जायसवाल, ब्लॉक प्रमुख आशुतोष बहुगुणा और भाजपा नेता मनोज सिंह जिला अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी। इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर समय रहते सख्ती की जाती तो उत्कर्ष की जान बच सकती थी।

फिलहाल गांव में तनाव बरकरार है। पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और प्रशासन हालात पर करीबी नजर रखे हुए है। उत्कर्ष सिंह की मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया है और अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि पुलिस कब तक गुनहगारों को सलाखों के पीछे पहुंचाती है।