30 से ज्यादा मौतें 260 से ज्यादा घायल, अमेरिकी हमले से ईरान में भारी तबाही; और भड़केगा युद्ध?

अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों से इस्लामिक गणराज्य ईरान में भारी तबाही हुई है। ईरानी सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने बताया कि ईरान पर अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों में हाल के दिनों में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई है।

30 से ज्यादा मौतें 260 से ज्यादा घायल, अमेरिकी हमले से ईरान में भारी तबाही; और भड़केगा युद्ध?
Published By- Diwaker Mishra

तेहरान/जनमत न्यूज़। अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों से इस्लामिक गणराज्य ईरान में भारी तबाही हुई है। ईरानी सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने बताया कि ईरान पर अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों में हाल के दिनों में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई है।

हालांकि, मोहाजेरानी ने यह साफ नहीं किया कि उन्होंने 30 से अधिक मौतों का आंकड़ा किस अवधि के दौरान का दिया है। ईरान की सरकार की तरफ से यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि रातभर हुए अमेरिकी हवाई हमलों में 260 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

अमेरिकी हमले में दक्षिण-पूर्वी ईरान में सात सैनिकों की मौत

ईरानी सेना ने कहा है कि इरानशहर के बम्पूर गैरीसन पर हुए अमेरिकी हमले में उसके सात सैनिकों की मौत हुई है। साथ ही ईरानी सेना ने कहा कि सही समय आने पर इस हमले का निर्णायक जवाब दिया जाएगा।

सेना ने इस हमले को कायरतापूर्ण आक्रामकता करार दिया है। सेना के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने बम्पूर स्थित सैन्य बैरक पर 13 मिसाइलें दागीं। इस हमले में 388वीं ब्रिगेड के सात सैनिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।

ईरानी सेना ने दावा किया कि 'निष्क्रिय रक्षा उपायों' की वजह से जनहानि को सीमित रखने में मदद मिली। सेना का आरोप है कि अमेरिकी हमलों का उद्देश्य अधिकतम जनहानि पहुंचाना था। इसके तहत सैन्य अड्डे के गेस्ट हाउस, सुरक्षा चौकियों और आवासीय सुविधाओं को निशाना बनाया गया।

अमेरिकी हवाई हमलों में 260 से अधिक लोग घायल

ईरान पर अमेरिका द्वारा रातभर किए गए ताजा हवाई हमलों में 260 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बुधवार को दी।

हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के दौरान हुए किसी भी अन्य हमले की तुलना में इस बार घायलों की संख्या कहीं अधिक बताई गई है।

दोनों देशों के बीच फारस की खाड़ी के प्रवेश द्वार माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर तनाव बना हुआ है। दुनिया में समुद्री मार्ग से होने वाले तेल और प्राकृतिक गैस के कारोबार का बड़ा हिस्सा इसी रणनीतिक जलमार्ग से होकर गुजरता है।